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    सुमावली में हिंसा : दिग्विजय सिंह ने पूछा-पर्यवेक्षकों की CR में CEC का displeasure communicate किया जाएगा!

    दिग्विजय सिंह ने ट्वीट के ज़रिए अपनी नाराज़गी जताई
    दिग्विजय सिंह ने ट्वीट के ज़रिए अपनी नाराज़गी जताई

    दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने कहा -माननीय केंद्रीय चुनाव आयोग (cec) क्षमा करेंगे. आपके मुरैना में भेजे गए IAS और IPS ऑब्जर्वर सूचना देने के बाद भी शांति पूर्ण मतदान नहीं करा पाए.क्या उनकी जवाबदारी तय की जाएगी? क्या ज़िला प्रशासन और ज़िला पुलिस अधिकारियों की CR में CEC का displeasure communicate किया जाएगा?

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 4, 2020, 10:28 PM IST
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    भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में कल 3 नवंबर को उप चुनाव (By Election) में मतदान के दौरान मुरैना के सुमावली में हुई हिंसक घटनाओं पर कांग्रेस नेता पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने अब सीधे चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए हैं. दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि क्या आयोग इन पर्यवेक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

    मुरैना के सुमावली में हुई हिंसक वारदातों से कांग्रेस गुस्से में है. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कल घटना की भर्त्सना के बाद आज ट्वीट किए. इसमें उन्होंने लिखा कि-सुमावली में मैंने एसपी मुरैना और केंद्रीय चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्ज़र्वर एमके दास सेवा निवृत्त डीजीपी को आगाह किया था. लेकिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक गोली चलती रही. गरीब मज़दूर महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया गया. वे सुमावली थाने का घेराव करती रहीं. लेकिन प्रशासन और चुनाव आयोग पूर्ण रूप से असफल रहा.
    वॉरंटी कैसे उत्पात मचाते रहेदिग्विजय सिंह ने आगे लिखा-सुमावली के वॉरंटी उत्पात मचाते रहे और पुलिस उनका खुले आम सहयोग करती रही. दिमनी के निर्दोष वोटरों को पुलिस पकड़ कर ले गई. उन्हें वोट भी नहीं डालने दिया. मुरैना ज़िले में गोलियां चलीं. लोगों को पीटा गया. मोटर साइकिल जलाई गयीं. इस सबके लिए पूरी तरह से ज़िला और पुलिस प्रशासन ज़िम्मेदार है.यदि सुमावली और मेहगांव के भाजपा उम्मीदवारों को भी थाने या डाक बंगले में बैठा लिया होता तो मतदान शांतिपूर्ण हो जाता. गोहद के दलित उम्मीदवारों को बैठा लेने की क्या ज़रूरत थी?चुनाव आयोग से सवालदिग्विजय सिंह आगे लिखते हैं-माननीय केंद्रीय चुनाव आयोग क्षमा करेंगे. आपके मुरैना में भेजे गए IAS और IPS ऑब्जर्वर सूचना देने के बाद भी शांति पूर्ण मतदान नहीं करा पाए.

    क्या उनकी जवाबदारी तय की जाएगी? क्या ज़िला प्रशासन और ज़िला पुलिस अधिकारियों की CR में CEC का displeasure communicate किया जाएगा? देखते हैं.
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