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किसानों के समर्थन में 20 जनवरी को जंगी प्रदर्शन करेगी कांग्रेस, बीजेपी पहुंचेगी घर घर

किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने बड़ा प्लान तैयार किया है.
किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने बड़ा प्लान तैयार किया है.

नये कृषि कानून (New agriculture law) के खिलाफ पंजाब हरियाणा के किसान बीते 40 दिन से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. मध्यप्रदेश (MP) में बीजेपी की सरकार होने के कारण अब तक यहां के किसान कृषि कानून के खिलाफ सामने नहीं आए हैं

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1 भोपाल.मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन (Kisan andolan) को लेकर सियासी हलचल तेज है. किसान आंदोलन के बहाने कांग्रेस (Congress) पार्टी अपनी खोई हुई ज़मीन तलाश रही है. दिल्ली बॉर्डर पर बीते 40 दिन से डटे किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने 7 से 15 जनवरी तक जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है. उसके बाद नये कृषि कानून के विरोध में 20 जनवरी को जंगी प्रदर्शन करेगी.

कांग्रेस पार्टी ने 20 जनवरी को प्रदेशभर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में किसानों को जुटाने का प्लान तैयार किया है. पार्टी इस जंगी प्रदर्शन के जरिए बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने की मुहिम में जुट गई है. भोपाल में मंगलवार को हुई कांग्रेस के प्रभारी और सह प्रभारियों की बैठक में किसान आंदोलन के प्लान पर चर्चा हुई. आंदोलन को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में किसानों को जुटाने की तैयारी में है.

कांग्रेस किसानों के साथ
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी का कहना है 20 जनवरी को होने वाला आंदोलन किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर होगा. साथ ही केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ भी कांग्रेस किसानों के साथ अपने गुस्से का इजहार करेगी.
घर-घर जानकारी


बीजेपी भी प्रदेश में किसानों को साधने में जुट गई है. प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के निर्देश पर पार्टी ने अब किसानों के घर घर पहुंचने का प्लान तैयार किया है. कृषि बिल कानून को लेकर पार्टी पर्चे छपवा कर किसानों के घर तक पहुंचकर कृषि कानून के फायदे बताएगी. बीजेपी के महामंत्री भगवान दास सबनानी का कहना है इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है. हर घर तक कृषि कानून की सही जानकारी पहुंचायी जाएगी.

अपनी ज़मीन की तलाश
नये कृषि कानून के खिलाफ पंजाब हरियाणा के किसान बीते 40 दिन से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार होने के कारण अब तक यहां के किसान कृषि कानून के खिलाफ सामने नहीं आए हैं. लेकिन अब कांग्रेस यहां के किसानों को सक्रिय करना चाहती है. किसान आंदोलन के ज़रिए वो अपनी पैठ मजबूत करने की तैयारी में है.
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