कोविड के फ्री इलाज में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का जिक्र नहीं, कोरोना काल में चौबीसों घंटे की ड्यूटी

प्रदेश के डेढ़ लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारी इस आदेश के विरोध में आ गए हैं.
प्रदेश के डेढ़ लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारी इस आदेश के विरोध में आ गए हैं.

सरकारी आदेश में बाकी सरकारी कर्मचारियों (government employees) का जिक्र है, लेकिन जो संविदा कर्मचारी (Contract health workers) नियमित कर्मचारियों के समान काम कर रहे हैं, उनका नाम तक नहीं है.

  • Share this:


भोपाल.मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य कर्मचारियों (Health workers) के इलाज के लिए जारी सरकार के आदेश का विरोध होने लगा है. सरकारी आदेश में संविदा कर्मचारियों के नाम का जिक्र नहीं है. भेदभाव का आरोप लगाते हुए स्वास्थ कर्मचारी संगठन विरोध में उतर आए हैं. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी से मांग की है कि उन्हें भी फ्री इलाज (free treatment) की सुविधा दी जाए.

मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि स्वास्थ्य संचालनालय ने 11 सितम्बर को एक आदेश जारी किया. इसमें उल्लेख है कि सरकारी कर्मचारियों को यदि कोविड 19 हो जाता है तो वो सरकारी खर्चे पर किसी भी निजी अस्पताल में अपना इलाज करा सकता है. इसके लिए सरकार ने 101 प्राईवेट अस्पताल तय किए हैं.



डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियों का विरोध
प्रदेश के डेढ़ लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारी इस आदेश के विरोध में आ गए हैं. मसला ये है कि इसमें सरकारी कर्मचारियों का जिक्र है, लेकिन  जो संविदा कर्मचारी नियमित कर्मचारियों के समान काम कर रहे हैं, उनका नाम तक नहीं है. गुस्से में तिलमिलाए म प्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी से मिला और अपनी पीड़ा ज़ाहिर की. इनका कहना है यह आदेश  भेदभाव पूर्ण है जो भारतीय  संविधान के अनुच्छेद 13 - 14 का उल्लंघन है.

मंत्री ने दिया आश्वासन
संविदा महासंघ ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी से मांग की है कि ऐसे समय तो संविदा कर्मचारियों के साथ भेदभाव नहीं किया जाए जब महामारी चल रही है और संविदा कर्मचारी पूरी निष्ठा-ईमानदारी से काम कर रहे हैं.

सरकार के इस आदेश से प्रदेश के डेढ़ लाख संविदा कर्मचारी अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के 24 हजार संविदा कर्मचारी , स्टाफ नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पैरामेडिकल स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ को इसका लाभ नहीं मिलेगा. ये वो लोग हैं जिन्होंने कोरोना के समय भी दिन रात 24 घंटे ड्यूटी की है.

आंदोलन की चेतावनी
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा आदेश में संविदा कर्मचारियों को नहीं जोड़ा गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज