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कोरोना ने बिगाड़ी सरकार की आर्थिक सेहत : जानिए कहां फायदा, कहां हुआ नुकसान

प्रदेश में वाणिज्यिक कर में सितम्बर में बीते वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई
प्रदेश में वाणिज्यिक कर में सितम्बर में बीते वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई

मंत्रालय में राजस्व के सिलसिले में हुई विभागवार राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया है कि पिछले साल की तुलना में इस साल आबकारी आय में कमी होने का अनुमान है

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भोपाल.कोरोना (Corona) ने आम लोगों के साथ सरकार की आर्थिक सेहत भी बिगाड़ दी है.  एक आंकड़े के मुताबिक मध्य प्रदेश (MP) सरकार को बीते साल की तुलना में इस साल 31 अक्टूबर तक आए नतीजों के मुताबिक वाणिज्य कर में 1.50% नुकसान हुआ है. सरकार के सबसे बड़े आय के सोर्स में से एक आबकारी में भी नुकसान का अनुमान है जबकि खनिज आय में वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है.

मंत्रालय में राजस्व के सिलसिले में हुई विभागवार राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया है कि पिछले साल की तुलना में इस साल आबकारी आय में कमी होने का अनुमान है. वहीं खनिज आय में वृद्धि अनुमानित है.आबकारी आय में विभाग से 9 हजार 300 करोड़ का अनुमान मिला है. खनिज आय में बजट अनुमान 4 हजार 982 करोड़ के विरुद्ध 05 हजार करोड़ का अनुमान है. परिवहन आय में 02 हजार 500 करोड़ बजट अनुमान के विरुद्ध 2 हजार 500 करोड़ का  अनुमान है. इसी प्रकार स्टाम्प एवं पंजीयन में वृद्धि अनुमानित है.इसके अंतर्गत बजट अनुमान 5 हजार करोड़ के विरुद्ध 5 हजार 600 करोड़ का आनुमानित है.

बीते साल की तुलना में नुकसान
बीते साल की तुलना में  इस साल 31 अक्टूबर तक की राजस्व आय की समीक्षा में बताया गया कि इस अवधि तक प्रदेश में  18 हजार 775 करोड़ का वाणिज्य कर इकट्ठा हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 1.50 प्रतिशत कम है. इसी प्रकार स्टाम्प और पंजीयन में 02 हजार 948 करोड़ जमा हुआ. जो गत वर्ष की तुलना में 9.72 प्रतिशत कम है. आबकारी में 04 हजार 649 करोड़ करोड़ जमा हुए संग्रहण हुआ, जो कि पिछले साल की तुलना 24.87 प्रतिशत कम है. आबकारी को छोड़कर बाकी सभी मदों में अब साल के शेष समय में राजस्व संग्रहण में पिछले साल की तुलना में वृद्धि अनुमानित है.



क्या सुधरेगी स्थिति ?
हालांकि प्रदेश में वाणिज्यिक कर में सितम्बर में बीते वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसमें इस साल 17 हजार 763 करोड़ रूपए का अनुमान है. गत वर्ष की तुलना में इस साल वैट में भी वृद्धि अनुमानित है. वैट में बजट अनुमान 11 हजार 715 करोड़ के विरुद्ध इस वर्ष 13 हजार 09 करोड़ का अनुमान है.
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