व्यापम घोटाले से चर्चित पूर्व मंत्री शर्मा का निधन, कोरोना से थे संक्रमित

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और व्यापमं घोटाले के आरोपी लक्ष्मीकांत शर्मा का निधन हो गया. (File)

MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का सोमवार को निधन हो गया. वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे. उन्हें 12 मई को भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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    भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का सोमवार को निधन हो गया. वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे. उन्हें 12 मई को भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने पर उन्हें सोमवार दोपहर एयर एंबुलेंस से चेन्नई ले जाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही उनका निधन हो गया. उन्हें अस्पताल में 2 बार हार्ट अटैक भी आया था.

    गौरतलब है कि पूर्व मंत्री शर्मा का नाम व्यापम घोटाले की वजह से चर्चा में रहा था. शर्मा 60 साल के थे. वे पहली बार 1993 में विधायक बने थे. इसके बाद 1998, 2003 और 2008 में सिरोंज विधानसभा क्षेत्र से लगातार विधायक चुने गए. विवादों के चलते बीजेपी ने उन्हें  2018 के चुनाव में टिकट नहीं दिया. पार्टी ने उनके छोटे भाई उमाकांत शर्मा को टिकट दिया और वे अभी सिरोंज से विधायक हैं.

    सरकार ने दिया कई महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व

    लक्ष्मीकांत शर्मा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पहले कार्यकाल में खनिज मंत्री थे. मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें 2008 से 2013 में उच्च शिक्षा, जनसंपर्क एवं संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए. शर्मा कांग्रेस के उम्मीदवार गोवर्धन उपाध्याय से 2013 में चुनाव हार गए थे. इसके बाद वे राजनीतिक गतिविधियों में नहीं दिखाई दिए.

    सीएम ने जताया दुख

    उनके निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया- 'पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता श्री लक्ष्मीकांत शर्मा जी के निधन की दुखद सूचना मिली है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और उनके परिजनों को यह वज्रघात सहने की क्षमता दें.'

    हनीट्रैप में भी आया था नाम

    बता दें, पूर्व मंत्री का नाम व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले के साथ-साथ हनीट्रेप में भी आया था. व्यापम में वे आरोपी थे. यह केस अभी कोर्ट में चल रहा है. STF और CBI ने शर्मा को व्यापम की ओर से आयोजित संविदा शिक्षक, सहकारिता, पीएमटी सहित कई परीक्षाओं में धांधली के मामले में आरोपी बनाया था. हनी ट्रैप मामले में भी लक्ष्मीकांत शर्मा का एक कथित ऑडियो 2019 में सामने आया था. इसके बाद आरएसएस और बीजेपी ने लक्ष्मीकांत शर्मा से किनारा कर लिया था.