दावा: मध्य प्रदेश में 24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4 हजार से कम, इन 15 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 5% से कम

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब घटती दिखाई देने लगी है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अब घटती दिखाई देने लगी है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि प्रदेश में 24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4 हजार से कम मिली है. सरकार ने हफ्ते की पॉजिटिविटी रेट भी बताई है. इसके मुताबिक, वायरस का असर कम हो रहा है.

  • Last Updated: May 23, 2021, 9:26 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि प्रदेश में एक दिन में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4 हज़ार से कम हो गई है. शनिवार को सामने आए आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में कोरोना के 3844 नए केस आए. एक्टिव मरीजों की संख्या 62 हजार 53 है. वहीं, पिछले 24 घंटे में 9327 मरीज स्वस्थ हुए हैं.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शनिवार को पाजिटिविटी की दर 4.8 फीसदी थी. जबकि, हफ्ते की पॉजिटिविटी रेट 7.3 फीसदी है. इस पूरे हफ्ते में कोरोना के 36 हजार 684 नए मामले सामने आए. प्रदेश में केवल 4 जिलों में हफ्ते की पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से ज्यादा है. इसमें भोपाल में 13 फीसदी, इंदौर में 12 फीसदी, रीवा में 12 फीसदी और रतलाम में 11फीसदी है.

15 जिलों में 5% से कम पॉजिटिविटी

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 15 जिलों में 5 प्रतिशत से कम साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट है. इन जिलों में दतिया(4%), अशोकनगर(3%), श्‍योपुर(4%), छिंदवाड़ा(2%), भिंड(2%), झाबुआ (1%), मंडला(4%), मुरैना(4%), गुना(2%), बड़वानी (2%), अलीराजपुर(2%), बुरहानपुर (1%), हरदा(2%), खण्डवा(1%) और निवाड़ी (3%) शामिल हैं.
अस्पतालों पर कसी जा रही नकेल

कोरोना की इस आपदा के बीच निजी अस्पतालों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही. अब तक निजी अस्पतालों द्वारा अधिक बिल लिए जाने के कुल 275 मामलों में 1 करोड़ 05 लाख रूपए की राशि मरीजों के परिजनों को वापस दिलाई गई है. भोपाल के फ्रैक्चर अस्पताल द्वारा एक मरीज से 2.5 लाख रूपए अधिक लिए गए थे इस पर कार्रवाई करते हुए यह राशि मरीज के परिवार को वापस दिलाई गई.

ब्लैक फंगस का खतरा



मध्य प्रदेश में कोरोना के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस भी तेजी से पैर पसार रहा है. दूसरी लहर में कोरोना पर ब्लैक फंगस भारी पड़ता नजर आ रहा है. इस बीमारी से फिलहाल कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है, क्योंकि इसकी दवा बाजार में नहीं है. एक ओर मरीजों के परिजन दवा के लिए भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार इंतजाम भी पूरे होते नहीं दिखाई दे रहे. अभी तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है.

इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आए करीब 600 मरीज प्रदेश के अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. सबसे ज्यादा मरीज इंदौर औऱ भोपाल में हैं. प्रदेश के 8 मेडिकल कॉलेज में 361 मरीज भर्ती हैं. जानकारी के मुताबिक, जीएमसी भोपाल में 90, एमएमजीसी इंदौर में 164, जीआरएमसी ग्वालियर में 24, एनएससीबी जबलपुर में 58, एसएसएमसी रीवा में 15, बीएमसी सागर में 7, जीएमसी खंडवा में 1 और सीआईएमएस छिंदवाड़ा में 2 मरीज भर्ती हैं.

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