कोरोना की भयावह त्रासदी के बाद अब सरकार का दावा-ऐसे जीत रहे हैं कोरोना की जंग

एमपी अब कोरोना पॉजिटिविटी रेट के मामले में 15 वें नंबर पर आ गया है(फाइल फोटो)

एमपी अब कोरोना पॉजिटिविटी रेट के मामले में 15 वें नंबर पर आ गया है(फाइल फोटो)

Bhopal. सरकारी दावे के मुताबिक मध्य प्रदेश में रोजाना 65000 से ज्यादा टेस्टिंग की जा रही हैं. जबकि 85418 मरीज होम आईसोलेशन में हैं. इनमें से 94 फ़ीसदी मरीजों से फोन पर कम से कम एक बार संपर्क किया गया है.

  • Share this:

भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना आपदा (Corona crisis) को लेकर मचा अफरा तफरी का दौर अब थमने लगा है. भयावह त्रासदी के बाद अब सरकार का दावा है कि उसकी कोशिश और बेहतर मैनेजमेंट की वजह से संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है. 21 अप्रैल को एक्टिव केसों की संख्या के हिसाब से एमपी देश में सातवें नंबर पर था. आज की स्थिति में वो 15वें स्थान पर आ गया है.

सरकारी आंकड़े कह रहे हैं कि प्रदेश का पॉजिटिविटी रेट लगातार घट रहा है. 5 मई को पॉजिटिविटी रेट 18.58% था जो  12 मई को घटकर 13.87% हो गया है. इससे पहले हफ्ते में देखें तो पॉजिटिविटी रेट 17% रहा है. प्रदेश में एक दिन में जितने लोग स्वस्थ हुए हैं उनमें से 75.1% ऐसे मरीज हैं जो होम आइसोलेशन में थे और 6.3% ॉकोविड केयर सेंटर में थे. इस लिहाज से 81.4% मरीज ऐसे हैं जो अस्पताल जाए बिना होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में ही ठीक हो गए, बाकी 18.6% अस्पतालों से ठीक हो कर घर लौटे हैं.

Youtube Video

टेस्टिंग और मैनेजमेंट
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने टेस्टिंग और इलाज मैनेजमेंट पर जोर दिया. सरकारी दावे के मुताबिक मध्य प्रदेश में रोजाना 65000 से ज्यादा टेस्टिंग की जा रही हैं. जबकि 85418 मरीज होम आईसोलेशन में हैं. इनमें से 94 फ़ीसदी मरीजों से फोन पर कम से कम एक बार संपर्क किया गया है. टेलि मेडिसिन के ज़रिए 50,000 से ज्यादा मरीजों को ऑनलाइन सलाह दी गयी. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होम आइसोलेशन में रहने वाले 99% मरीजों को मेडिकल किट और हेल्थ ब्रोशर होम डिलीवरी का दावा है. प्रदेश के 52 जिलों में कुल 345 कोविड केयर सेंटर शुरू किए जा चुके हैं. जिनमें कम लक्षण वाले मरीजों को रखा जा रहा है. इनमें फिलहाल कुल 21576 बेड हैं. इनमें सरकार लगातार ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ा रही है. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक कुल 22404 क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए जा चुके हैं जिनमें 2,69,309 से अधिक बेड्स हैं.

दवा की उपलब्धता

प्रदेश में 24 अप्रैल से 10 मई तक 2 लाख 60 हज़ार रेमडेसिविर डोज एलॉट की जा चुकी हैं. इनमें से 203671 मिल चुके हैं. प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में 315 और निजी क्षेत्र में 530 इस लिहाज से कुल 845 कोविड अस्पताल हैं. एक अप्रैल को प्रदेश में उपलब्ध बेड की कुल संख्या 20159 थी जो अब बढ़कर 67841 हो गई है. हर रोज 1500 से भी अधिक बेड बढ़ाए जा रहे हैं. पिछले 1 महीने में कुल 45 हजार से अधिक बेड बढ़ाए गए हैं. ऑक्सीजन सप्लाई के मामले में भी मध्य प्रदेश की स्थिति बेहतर है. प्रदेश को करीब 500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है. प्रदेश में 95 नए ऑक्सीजन प्लांट खोले जा रहे हैं.



वैक्सिनेशन से हारेगा कोरोना

वैक्सिनेशन के मोर्चे पर भी कोरोना को मात देने की कोशिश की जा रही है. प्रदेश में अब तक फ्रंट लाइन वर्कर समेत 45 साल से अधिक उम्र के 87 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है. जबकि 18 से 44 साल के आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है. इस आयु वर्ग के लोगों की कुल संख्या करीब तीन करोड़ 59 लाख है. प्रदेश में करीब 5.29 करोड़ डोज की जरूरत होगी जिस पर सरकार 1641 करोड़ रुपये खर्च करेगी.


गरीबों के इलाज का इंतजाम

सरकारी ने इस आपदा के बीच गरीबों को मुफ्त इलाज देने के लिए मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना शुरू की है. इस योजना के तहत फिलहाल प्रदेश में 22000 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा रहा है. प्रदेश के 4 जिलों इंदौर, भोपाल, उज्जैन और देवास के निजी मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में कोई भी गरीब नागरिक भर्ती होकर निशुल्क उपचार करा सकता है. सभी आयुष्मान योजना से संबंधित अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड की पात्रता रखने वाले गरीबों का निशुल्क उपचार करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके तहत फिलहाल 1335 मरीज इलाज करा रहे हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज