एमपी टूरिज्म के होटलों के निजीकरण की तैयारी, लखनऊ-वाराणसी सेंटर होंगे बंद

मध्य प्रदेश सरकार टूरिज्म सेक्टर को घाटे से उबारने के लिए होटलों का निजीकरण (Privatization) करने और विभिन्न प्रदेशों के पर्यटन केंद्र बंद करने की कवायद कर रही है जिस पर भाजपा (Bjp) सवालिया निशान लगा रही है

Sharad Shrivastava | News18Hindi
Updated: September 10, 2019, 2:42 PM IST
एमपी टूरिज्म के होटलों के निजीकरण की तैयारी, लखनऊ-वाराणसी सेंटर होंगे बंद
मध्य प्रदेश सरकार पर्यटन नीति में कर रही है फेरबदल
Sharad Shrivastava | News18Hindi
Updated: September 10, 2019, 2:42 PM IST
भोपाल: घाटे में चल रहे पर्यटन सेक्टर (Tourism Sector) को उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार कई योजनाएं (Schemes) बना रही है जिसके माध्यम से इस सेक्टर को मुनाफे के उद्योग में बदला जा सके. एक तरफ तो सरकार मध्य प्रदेश के टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रयास कर रही है वहीं दूसरी तरफ विभिन्न राज्यों में स्थित पर्यटन केंद्रों को बंद करने जा रही है जिसमें सबसे पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) और वाराणसी (Varanasi) सेंटर को बंद करने की योजना है. इसके अलावा घाटे में चल रहे मध्य प्रदेश टूरिज्म (MP Tourism) के तकरीबन आधा दर्जन होटलों को प्राइवेट हाथों में सौंपने की तैयारी है.

ग्लोबल टेंडर होंगे जारी
मध्य प्रदेश सरकार इन होटलों के निजीकरण के लिए जल्दी ही ग्लोबल टेंडर जारी करने वाली है. सरकार का दावा है कि इससे पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. लेकिन सरकार कि इस मंशा पर विपक्ष सवाल उठा रहा है. लोगों का कहना है कि सुविधाएं बेहतर करने के लिए आखिर सरकार को अपने हाथ पीछे क्यों खींचने पड़ रहे हैं ?

वहीं एमपी के पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल का कहना है कि टूरिज्म सेक्टर को घाटे से उबारने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ये कुछ बड़े फैसले लेने जा रही है. इन फैसलों में टूरिज्म डिपार्टमेंट दूसरे राज्यों में अपने टूरिज्म सेंटर को बंद करने के साथ ही अपने होटलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है. सरकार का तर्क है कि ये कदम एमपी के टूरिज्म सेक्टर को और बेहतर करने के लिए उठाए जा रहे हैं ताकि पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. साथ ही उन सेंटर को बंद किया जा रहा है जहां से आउटपुट न के बराबर है.

 

News - पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटलों के निजीकरण की तैयारी
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटलों के निजीकरण की तैयारी


वाराणसी और लखनऊ सेंटर होंगे बंद
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पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि पुरानी नीतियों का चलते ये सेक्टर घाटे में चल रहा है. वहीं विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि दरअसल सूबे में सरकारी निजाम बदलने के साथ ही टूरिज्म को लेकर नए फैसले लेने की प्रक्रिया भी शुरु हुई है. सरकार की तैयारी ग्राफिक्स इन वाराणसी और लखनऊ में टूरिज्म केंद्र बंद करने की है इसके बाद कुछ और केंद्रों को भी बंद किया जा सकता है.

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सरकार की मानें तो जिन सेंटर से आउटपुट ज़ीरो है उन्हें बंद कर खर्च कम किया जा रहा है इसके साथ ही मध्य प्रदेश टूरिज्म के कुछ होटलों को भी निजी हाथों में देने की तैयारी है. 7 होटलों को निजी हाथों में सौंपा जाएगा इनके लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे. वहीं होटलों को निजी हाथों में देने के पीछे पर्यटन मंत्री का तर्क है कि ये कवायद पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए है.

भाजपा ने उठाये सवाल
वहीं सरकार की इस कवायद पर बीजेपी ने निशाना साधा है. बीजेपी का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर को टूरिज्म में शामिल करने के पीछे सरकार का मकसद सुविधाएं बेहतर करने का नहीं बल्कि अपनी जेब भारी करने का है. भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री उमाशंकर गुप्ता वर्तमान सरकार कि मंशा पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि सरकार भले दावा करे कि इन फैसलों के पीछे मकसद मध्य प्रदेश के टूरिज्म को बढ़ावा देना है लेकिन प्राइवेट सेक्टर की एंट्री पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
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First published: September 10, 2019, 2:07 PM IST
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