MP के अन्नदाताओं ने Lockdown में वह कर दिखाया जो अब तक नहीं हुआ, बना ऑल टाइम रिकॉर्ड
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MP के अन्नदाताओं ने Lockdown में वह कर दिखाया जो अब तक नहीं हुआ, बना ऑल टाइम रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में इस बार जितना गेहूं खरीदा गया वो पिछले साल के मुकाबले 75 फ़ीसदी से भी ज्यादा है.

मध्य प्रदेश में इस बार किसानों (Farmers) से शिवराज सिंह चौहान की सरकार (Shivraj Government) ने 1.30 करोड़ टन से ज्यादा गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड बनाया है. यह देश में गेहूं खरीद में अब तक का ऑल टाइम रिकॉर्ड है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में इस बार गेहूं खरीदी का ऑल टाइम रिकॉर्ड बना है. जितनी खरीदी प्रदेश में गेहूं की इस बार हुई इससे पहले इतनी कभी नहीं हुई थी. COVID-19 आपदा की वजह से हुए लॉकडाउन (Lockdown) में मध्य प्रदेश के अन्नदाताओं ने वह कारनामा कर दिखाया है, जो इससे पहले देश में कभी नहीं हुआ था. मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) का दावा है कि इस बार किसानों (Farmers) से एक करोड़ 29 लाख 28 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जो अब तक का ऑल टाइम रिकॉर्ड है. गेहूं खरीद के मामले में मध्य प्रदेश इससे पहले ही पंजाब को पछाड़ कर नंबर वन हो चुका है. ये काम आसान नहीं था वो भी लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के इस दौर में. ये संभव हो पाया बेहतरीन मैनेजमेंट और किसानों की मेहनत के कारण. एमपी में गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसकी सरकारी खरीद किसी चुनौती से कम नहीं थी. जानिए मध्य प्रदेश इस मुकाम तक कैसे पहुंच पाया.

पिछले साल के मुकाबले 75 फीसदी ज्यादा खरीद

खास बात यह है कि मध्य प्रदेश में इस बार जितना गेहूं खरीदा गया वो पिछले साल के मुकाबले 75 फ़ीसदी से भी ज्यादा है. मध्य प्रदेश में अभी तक 1 करोड़ 29 लाख 28 हजार मीट्रिक टन गेहूं का खरीदा गया है जो पूरे देश का 33 प्रतिशत से ज्यादा है. पूरे देश में 3 करोड़ 86 लाख 54 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की गयी. इस मामले में एमपी ने पंजाब को दूसरे नंबर पर धकेल दिया है. पिछले साल की तुलना में मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी में 74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पिछले साल मध्य प्रदेश में 73.69 लाख मीट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया था. मध्य प्रदेश में इस बार 15 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुई थी जो 5 जून को खत्म हुई. गेहूं का ज़्यादा उत्पादन होने के कारण इस बार खरीद केन्द्र भी 3 हजार 545 से बढ़ाकर 4 हजार 529 कर दी गयी.



सीएम ने की रिकॉर्ड बैठक
इस बार एमपी में गेहूं की बंपर पैदावार हुई थी लिहाजा गेंहू खरीदना भी एक बड़ी चुनौती थी. सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने गेहूं खरीद में मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी. 23 मार्च से अब तक लगातार 75 से ज्यादा बैठकें कर डालीं. सीएम ने हर रोज खरीद की समीक्षा की. जबकि नंबर 1 आने पर सीएम ने इस उपलब्धि के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम और प्रदेश के किसानों को बधाई दी है.

लॉकडाउन में विशेष इंतजाम
इस बार गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद ऐसे वक्त में शुरू की गयी थी. जब प्रदेश कोरोना महामारी की चपेट में था और देशभर में लॉकडाउन लागू था. सरकार ने किसानों के लिए एहतियात के तौर पर कुछ नियम जारी किए और केवल उन्हीं किसानों को खरीदी के लिए बुलाया गया जिन्हें मैसेज भेजे गए थे. एक बार में एक पाली में 10 से 12 किसानों को ही खरीदी के लिए बुलाया गया था. मंडी में सोशल डिस्टेंस और सेनेटाइजर की व्यवस्था की गयी. किसानों को मंडी आने की जानकारी देने के लिए 75 लाख एसएमएस भेजे गए. राज्य सरकार ने गेहूं खरीद की राशि सीधे किसानों के खातों में औसतन 7 दिन में भेजी. सरकार का कहना है कि अभी तक 14 लाख 19 हजार किसानों के खातों में 22 हजार करोड़ की राशि भेजी जा चुकी है.

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