MP: हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य पर लगाई रोक, कब्रिस्तान होने का किया गया था दावा

 नियमानुसार इस जमीन का उपयोग किसी दूसरी चीज के लिए नहीं किया जा सकता है.  (सांकेतिक फोटो)

नियमानुसार इस जमीन का उपयोग किसी दूसरी चीज के लिए नहीं किया जा सकता है. (सांकेतिक फोटो)

रियाज ने बताया कि याचिकाकर्ता मोहम्मद सुलेमान एवं एम. रहमान ने दावा किया है कि जिस जमीन पर बिल्डर द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वह सरकारी रिकॉर्ड में कब्रिस्तान (Graveyard) है.

  • भाषा
  • Last Updated: February 20, 2021, 11:39 AM IST
  • Share this:
जबलपुर. पुराने भोपाल शहर के कबाड़खाना क्षेत्र स्थित जमीन पर बिल्डर द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है. दो याचिकाकर्ताओं ने इस जमीन के कब्रिस्तान होने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत ने यह आदेश पारित किया है. याचिकाकर्ताओं के वकील मोहम्मद रियाज ने बताया कि उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मोहम्मद फहीम अनवर की एकल पीठ ने बृहस्पतिवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में यथास्थिति जारी रखने के आदेश दिए हैं.

रियाज ने बताया कि याचिकाकर्ता मोहम्मद सुलेमान एवं एम. रहमान ने दावा किया है कि जिस जमीन पर बिल्डर द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वह सरकारी रिकॉर्ड में कब्रिस्तान है, इसलिए नियमानुसार इस जमीन का उपयोग किसी दूसरी चीज के लिए नहीं किया जा सकता है.

उसे होमगार्ड विभाग को एक तय राशि देनी पड़ती थी

वहीं, इसी तरह कल मध्य प्रदेश में एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई थी कि होमगार्ड्स अब दूसरे विभागों में फ्री में अपनी सेवाएं दे सकेंगे. इस संबंध में एमपी होमगार्ड एक्ट में संशोधन कर दिया गया है और गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है. इस संशोधन के बाद आप होमगार्ड्स विभाग के अलावा राज्य सरकार के दूसरे विभागों में फ्री में नौकरी करेंगे. इस व्यवस्था के तहत अब अन्य विभागों को होमगार्ड तैनात करने के लिए अलग से कोई पेमेंट नहीं करना पड़ेगा. इससे पहले यदि कोई दूसरा डिपार्टमेंट होमगार्ड के जवानों की सेवाएं लेता था तो उसे होमगार्ड विभाग को एक तय राशि देनी पड़ती थी.
गृहमंत्री ने दी जानकारी

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा राज्य सरकार के अन्य विभागों में होमगार्ड तैनात करने पर अब विभागों को कोई राशि नहीं देना पड़ेगी. मध्यप्रदेश होमगार्ड अधिनियम के नियम-29 में संशोधन कर दिया गया है. इस संबंध में मध्यप्रदेश के राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशन भी हो गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज