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BHOPAL : जब को-वैक्सीन ट्रायल के लिए लोग नहीं मिले तो नरोत्तम मिश्रा बोले-मैं बनूंगा वॉलेंटियर

अभी भोपाल के एक निजी मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन ट्रायल किया जा रहा है.
अभी भोपाल के एक निजी मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन ट्रायल किया जा रहा है.

कल ही मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि भोपाल (Bhopal) में को वैक्सीन के ट्रायल (Trail) के लिए लोग नहीं मिल रहे हैं. भोपाल के लोग इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे इसलिए अभी तक शहर के सिर्फ एक निजी मेडिकल कॉलेज में को वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो पाया है.

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भोपाल.कोरोना संक्रमण (Corona infection) से बचाव के लिए वैक्सीन के ट्रायल (Vaccine Trial) के बीच मध्य प्रदेश (MP) के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा ऐलान किया है. को-वैक्सीन के ट्रायल के लिए वो खुद वॉलिंटियर बनेंगे. नरोत्तम मिश्रा ने News 18 पर Exclusive बातचीत में कहा कि ऐसा नहीं होगा कि एमपी में वैक्सीन ट्रायल के लिए वॉलिंटियर न मिलें.मैं खुद वैक्सीन ट्रायल के लिए तैयार हूं और आज ही वैक्सीन ट्रायल के लिए डॉक्टर्स से बात करूंगा.अगर चैकअप के बाद वह फिट पाए जाते हैं तो फिर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल वह अपने ऊपर करवाएंगे.

कल ही मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि भोपाल में को वैक्सीन के ट्रायल के लिए लोग नहीं मिल रहे हैं. भोपाल के लोग इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे इसलिए अभी तक शहर के सिर्फ एक निजी मेडिकल कॉलेज में को वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो पाया है. दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेज GMC में सारी व्यवस्था होने के बाद भी ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा. क्योंकि लोग ट्रायल के लिए आगे नहीं आ रहे. लोग उपलब्ध नहीं हैं इसलिए ट्रायल कैसे हो.

कितने वॉलेंटियर आए सामने
इस वक्त देश में स्वदेशी कोरोना वैक्सीन को वैक्सीन का थर्ड फेस का ट्रायल चल रहा है. भोपाल में भी इसका ट्रायल किया जा रहा है. लेकिन यहां पिछले 6 दिन में सबसे कम केवल 45 वॉलिंटियर ही को वैक्सीन के ट्रायल के लिए आए. हैं जबकि अलीगढ़ में सबसे ज्यादा वॉलिंटियर ट्रायल के लिए सामने आए. अलीगढ़ में यह संख्या 800 से भी ज्यादा है. यही वजह है कि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि वह खुद वालंटियर बनने के लिए तैयार हैं.
ट्रायल के बाद ही मिलेगी अनुमति


किसी भी वैक्सीन का अलग-अलग चरणों में ट्रायल किया जाना जरूरी होता है. ट्रायल सफल होने के बाद ही इसे आम लोगों पर इस्तेमाल की अनुमति दी जाती है. कोरोना से निजात के लिए यूं तो दुनिया भर में कई वैक्सीन बन रही हैं. लेकिन स्वदेशी वैक्सीन को वैक्सीन का भारत में थर्ड फेस का ट्रायल चल रहा है. ऐसे में अगर वॉलिंटियर्स ट्रायल के लिए सामने नहीं आएंगे तो फिर इसके आने में और वक्त लग सकता है.

ट्रायल का तीसरा चरण
इस वक्त पूरे देश में कोरोना वैक्सीन के थर्ड फेस का ट्रायल चल रहा है भोपाल में भी को वैक्सीन के ट्रायल के लिए वॉलिंटियर्स सामने आ रहे हैं लेकिन इनकी संख्या सबसे कम है यह बात जब सामने आई तो गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खुद वालिंटियर बनने का फैसला किया. अब उम्मीद की जा रही है कि बाकी लोग भी उनके अनुसरण करते हुए ट्रायल के लिए सामने आएंगे.

मंत्री ने कहा था
विश्वास सारंग ने कहा था-जितने लोगों को ट्रायल में हिस्सा लेना था, उसमें कमी आई है. वॉलिंटियर्स की संख्या नहीं हो पा रही है. इसलिए एक ही सेंटर में अभी ट्रायल शुरू हुआ है. ट्रायल में देखा जा रहा है कि लोगों की रुचि नहीं है. जागरुकता अभियान चलाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ट्रायल में भाग लें.ट्रायल को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं तो उन्हें दूर करेंगे.गांधी मेडिकल कॉलेज में ट्रायल की पूरी तैयारियां हैं. वॉलिंटियर के नहीं होने के कारण ट्रायल शुरू नहीं हो सका.
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