MP : शराब दुकानों का लाइसेंस रिन्युअल हुआ महंगा, 10 महीने के लिए सरकार ने नई नीति को दी मंजूरी

नई आबकारी नीति को मंजूरी मिलने से प्रदेश में शराब की कीमत बढ़ सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

नई आबकारी नीति को मंजूरी मिलने से प्रदेश में शराब की कीमत बढ़ सकती है. (सांकेतिक तस्वीर)

Bhopal. कोरोना काल में सरकार को शराब में करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ. अब उम्मीद की जा रही है कि अगर नई नीति पर अमल होता है तो सरकार को इससे करीब साढ़े 4 सौ करोड़ रुपए की आय होगी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकार ने अगले 10 महिने के लिए नयी शराब नीति को मंजूरी दे दी है. सरकार ने मौजूदा शराब दुकानों (Wine shops) को अगले 10 महीने तक जारी रखने की अनुमति दे दी है. लेकिन  शराब दुकान संचालक को लाइसेंस रिन्युअल के लिए 10 फ़ीसदी ज्यादा शुल्क (Fees) देना होगा. सरकार ने मौजूदा शराब दुकानों के नवीनीकरण के लिए लाइसेंस शुल्क में 10 फ़ीसदी की वृद्धि कर दी है. कैबिनेट की बैठक में शराब नीति को मंजूरी दी गई है.

प्रदेश सरकार ने शराब की पैकिंग को लेकर भी एक बड़ा फैसला किया है. अब तक 180ml की पैकिंग में मिलने वाली शराब अब 90ml की पैकिंग में भी मिल सकेगी यानि अब शराब 180 की पैकिंग की आधी मात्रा और रेट पर भी मिल सकेगी.

बाकी महत्वपूर्ण फैसले

कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा सरकार ने पीएम आवास योजना के प्रोजेक्ट को गति देने के लिए भी एक बड़ा फैसला किया है. इसके तहत नजूल की जमीन भूस्वामी हक में परिवर्तित की जाएगी. सरकार के इस फैसले से रुके हुए प्रोजेक्ट में गति आएगी और गरीबों के लिए बनने वाले आवास तेजी के साथ बन सकेंगे. कैबिनेट में इंदिरा सागर डूब प्रभावितों के लिए नगर परिषद छनेरा में दिए गए पट्टों को भी भूस्वामी हक में परिवर्तित किया जाएगा. इसका 2352 लोगों को फायदा होगा.
दुकान नीलाम करने का विकल्प

नई शराब नीति के मसौदे को आज कैबिनेट में मंजूरी जरूर मिल गई लेकिन अब सरकार के इस फैसले में कितने दुकान संचालक दिलचस्पी दिखाते हैं ये देखना है. क्योंकि सरकार ने यह भी तय कर दिया है कि यदि कोई शराब दुकानदार बढ़ी हुई फीस नहीं देगा तो सरकार नये सिरे से टेंडर बुलाकर दुकान नीलाम कर देगी.




साढ़े 4 सौ करोड़ रुपये की आय का अनुमान

कोरोना वायरस काल के कारण सरकार को शराब से होने वाली आय में करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचा है. अब उम्मीद जताई है कि अगर नई नीति पर अमल होता है तो सरकार को इससे करीब साढ़े 4 सौ करोड़ रुपए की आय होगी.

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