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खराब सड़कें, बजट का रोना और निकाय चुनाव; सरकार के लिए इधर कुआं, उधर खाई

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 5, 2019, 9:22 PM IST
खराब सड़कें, बजट का रोना और निकाय चुनाव; सरकार के लिए इधर कुआं, उधर खाई
मध्य प्रदेश की खराब सड़कों ने उड़ाई सरकार की नींद.

मध्य प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों (Bad roads) ने बढ़ाई कमलनाथ (CM Kamalnath) सरकार की मुसीबत. बजट की कमी खराब सड़कों को दुरुस्त करने में बन रही रोड़ा. निकाय चुनाव (Local Body Polls) की आहट से मुश्किल में पड़ी सरकार.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में अगले कुछ महीनों में स्थानीय निकाय चुनाव (Local Body Polls) होने वाले हैं. कमलनाथ (CM Kamalnath) सरकार और विपक्षी भाजपा ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं. लेकिन निकाय चुनाव से पहले सूबे की खराब सड़कों (Bad roads) ने सरकार की नींदें उड़ा रखी हैं. ऐसा नहीं है कि सरकार इन सड़कों को ठीक कराना नहीं चाहती, लेकिन इसमें बजट आड़े आ रहा है. प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों के लिए सरकार कुछ करती, इससे पहले बारिश ने स्थिति और खराब कर दी. अब एक तरफ सड़कों पर लोगों का चलना मुहाल है, वहीं दूसरी तरफ सरकार बजट की कमी से जूझ रही है. ऐसे में अगर वक्त रहते सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं तो इसका खामियाजा कांग्रेस को निकाय चुनाव में उठाना पड़ सकता है. शायद यही वजह है कि अब ठीकरा पुरानी सरकार पर फोड़ने की तैयारी है.

मुआवजा बांटे या सड़कें दुरुस्त कराए
दरअसल मध्य प्रदेश में भारी बारिश के दौर के बाद खराब सड़कें सरकार के लिए चिंता का सबब बन गई हैं. विपक्ष तो विपक्ष खराब सड़कों की वजह से आम लोगों में भी नाराजगी है. ये नाराजगी ऐसे वक्त में है जब सूबे में निकाय चुनाव की आहट हो रही है. ऐसे में बदहाल सड़कों ने सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. ये और बात है कि सियासी बयानबाजी में ठीकरा बीजेपी की तब की सरकार की नाकामी पर फोड़ा जा रहा है. इन सबके बीच खराब वित्तीय हालत से गुजर रही सरकार के लिए इधर कुआं, उधर खाई वाली स्थिति हो गई है. एक तरफ बाढ़ आपदा के बाद पीड़ितों को मुआवजा बांटना दूसरी तरफ सड़कों को दुरुस्त करना. ऐसे में निकाय चुनाव से पहले खुद को इस मझधार से निकाल पाना सरकार के लिए मुश्किल लगता है.

MP Local Body Polls-Bad roads-Kamalnath Government-BJP

क्या है सड़कों की स्थिति?
- बारिश की वजह से पूरे प्रदेश में 4 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें खराब हुई हैं.
- अकेले राजधानी की बात करें तो 65 फीसदी से ज्यादा सड़कें खराब हुई हैं.
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- कुल 4692 कि.मी. सड़कों में से 3 हजार किमी सड़कें खराब हुई हैं.
- शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण इलाकों में पुल-पुलियों का भी नुकसान हुआ है.
- अकेले राजधानी भोपाल की सड़कों की मरम्मत के लिए 44 करोड़ रुपए की ज़रूरत है.
- आपदा का मुआवजे बांटने के साथ सड़कों की मरम्मत सरकार के लिए बड़ी चुनौती.

बारिश ने बढ़ा दी है बेचैनी
एक तरफ सरकार के सामने खराब सड़कों की मरम्मत कराना चुनौती ,है तो वहीं दूसरी तरफ बाढ़ आपदा के बाद मुआवजा बांटना दूसरी चुनौती. राजस्व विभाग के अनुसार प्रदेश के 52 में से 39 जिलों में अतिवृष्टि और बाढ़ से बहुत अधिक नुकसान हुआ है. सूबे में जून से सितंबर महीने के बीच हुई वर्षा से लगभग 60 लाख 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की 16 हजार 270 करोड़ रुपए की फसल प्रभावित हुई है. इसमें लगभग 53 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत तक फसल क्षतिग्रस्त हुई है. प्रदेश में अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों में 55 हजार 372 पक्का-कच्चे मकान, 4 हजार 98 पक्के मकान तथा 55 हजार 267 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान शामिल हैं. इसी क्रम में 3 हजार 649 झोपड़ियां और 3 हजार 274 पशु शेड को भी नुकसान हुआ है. राजस्व विभाग के अनुसार प्रदेश में अति-वृष्टि से सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की राशि 2285 करोड़ रुपए आंकी गई है. फसलों के कुल नुकसान का अनुमान लगभग 16 हजार 270 करोड़ रुपए है.

सरकार के आश्वासन पर विपक्ष हमलावर
प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर जनता सरकार से सवाल पूछ रही है, वहीं विपक्षी पार्टी भी इसमें अपनी राजनीति देख रही है. ऐसे में सरकार के सामने खराब सड़कों को लेकर सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं बच जाता. ले-देकर पुरानी सरकार को ही सरकार का हर मंत्री कोसता नजर आता है. सूबे के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने खराब सड़कों के सवाल पर कहा, 'पिछले 15 साल में जो खराब सड़कें बनाई गई हैं, उसकी जांच कराई जाएगी. सरकार इस बात का भरोसा देती है कि सूबे में खराब सड़कों को जल्दी दुरुस्त किया जाएगा.' इधर, भाजपा सरकार की मौजूदा हालत पर मजे लेने से नहीं चूक रही है. पार्टी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने आरोप लगाया, 'सरकार बहाने बना रही है. पीडब्ल्यूडी विभाग के पास सड़कों के पैच वर्क के लिए भी पैसा नहीं है, और नई सड़कें बनाने का दावा किया जा रहा है.'

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First published: October 5, 2019, 9:22 PM IST
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