शिवराज सरकार के नए श्रम कानून का विरोध, इंटक बोला- मजदूर नहीं मालिकों को होगा फायदा, PM मोदी को लिखा पत्र
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शिवराज सरकार के नए श्रम कानून का विरोध, इंटक बोला- मजदूर नहीं मालिकों को होगा फायदा, PM मोदी को लिखा पत्र
इंटक ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक खत भी लिखा है. (File Photo)

इंटक के युवा अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि मजदूरों से 12 घंटे काम करवाने का निर्णय बहुत ही असंवैधानिक है. अभी देश के 40 करोड़ मजदूरों के लिए हालात बहुत ही खराब है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रम कानून (Labour Law) में बदलाव किए. अब सरकार के इस फैसला की विरोध शुरू हो गया है. मध्य प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान श्रम कानून में संशोधनों का ट्रेड यूनियन (Trade Union) ने विरोध करना शुरू कर दिया है. सोमवार को ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ने प्रदर्शन किया. इंटक के युवा अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि मजदूरों से 12 घंटे काम करवाने का निर्णय बहुत ही असंवैधानिक है.

उन्होंने कहा कि कार्ल मार्क्स ने सैकड़ों साल पहले जब श्रमिकों के कार्य के घंटे कम करवाये थे. अभी देश के 40 करोड़ मजदूरों के लिए हालात बहुत ही खराब है. मजदूरों के लिए इतिहास में इतना खराब समय कभी नहीं हुआ. दीपक गुप्ता ने बताया कि संगठन ने सभी कर्मचारियों को प्रदर्शन करने के लिए कहा था इसलिए जो कर्मचारी जहां पर था, उसने वहीं पर आज प्रदर्शन किया. इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी को भी चिट्ठी लिखी गई.

संयुक्त मोर्चे का प्रदर्शन



इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आईडी त्रिपाठी, सीटू के प्रदेश महासचिव प्रमोद प्रधान सहित ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ने श्रम कानून में संशोधनों को वापस लेने की मांग की. संयुक्त ट्रेड यूनियनों का कहना है कि कारखानों में 12 घंटे की शिफ्ट, निरीक्षण नहीं किया जाना, उस पर रोक लगाना दुकानों और संस्थाओं में 18 घंटे काम की व्यवस्था करना आदि मजदूरों के हित के खिलाफ है. सरकार का यह निर्णय एक तरफा है और मालिकों को इससे फायदा होगा. यह भेदभाव पूर्ण रवैया है.
ये किए संशोधन

-बाजारों में भीड़ न हो इसके लिए दुकानों के खुले रहने का समय सुबह 8 से रात 10 के स्थान पर सुबह 6 से रात 12 बजे तक किया गया.

-कारखानों में काम की शिफ्ट 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई. कारखाना मालिक अब खुद शिफ्ट परिवर्तित कर सकेंगे 8 घंटे के बाद बशर्ते श्रमिक काम करना चाहे.

-अब सप्ताह में 72 घंटे ओवरटाइम का नियमानुसार मजदूरों को भुगतान करना होगा.

- रजिस्ट्रेशन के लिए अब 30 दिन के बजाए एक दिन में किया जाएगा.

-रिन्यूअल के नियम को खत्म कर दिया गया है, अब एक बार ही रजिस्ट्रेशन होगा और वह भी ऑनलाइन होगा.

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