MP News: अब 108 एम्बुलेंस और जननी एक्सप्रेस के टेंडर पर आपत्ति, जानिए क्या लग रहे आरोप

मध्य प्रदेश में अब 108 एम्बुलेंस और जननी एक्सप्रेस सेवा पर भी भ्रष्टाचार का साया पड़ता नजर आ रहा है. इन सेवाओं को लेकर बड़ा आरोप लगाया गया है. (File)

Corruption News: मध्य प्रदेश में 100 डायल के बाद अब 108 एम्बुलेंस, 104 जननी एक्सप्रेस का टेंडर भी फंस गया है. आरोप है कि जानबूझ कर किसी रायपुर की कंपनी को टेंडर दिया जा रहा है. मामले की शिकायत चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग तक पहुंच गई है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में 100 डायल के बाद अब 108 एम्बुलेंस, 104 जननी एक्सप्रेस के टेंडर पर आपत्ति आने लगी है. आरोप है कि इसके टेंडर में भी किसी एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया गया. मामले की शिकायत चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से भी की गई है. विश्वास सारंग ने शिकायतकर्ताओं को इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है.

गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश के  राष्ट्रीय स्वास्थ्य  मिशन ने 19 मार्च को टेंडर निकाला था. टेंडर के लिए 9 अप्रैल तक बीड सबमिट होनी थी. लेकिन, इसे बार-बार आगे बढ़ाया गया. पहले बढ़ाकर 12 जुलाई, फिर 19 जुलाई और अब 26 जुलाई की गई. इस दौरान 20 कंपनियों ने 309 आपत्तियां दर्ज कराईं. इस टेंडर प्रोसेस में मेसर्स जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, वीएम वेयर फोर्स मोटर्स लिमिटेड, वीई कमर्शियल व्हीकल लिमिटेड, जीवीके, जिगित्सा, बीवीजी, टाटा, महिंद्रा एंड महिंद्रा समेत कई कंपनियों ने हिस्सा लिया. आरोप है कि रायपुर की एक कंपनी को फायदा दिया जा रहा है.

रायपुर की कंपनी पर आरोप

शिकायतकर्ता वैभव श्रीवास्तव ने मंत्री विश्वास सारंग को लिखित आवेदन दिया है. उन्होंने उनसे मुलाकात कर रायपुर की कंपनी के साथ टेंडर प्रक्रिया की जांच करने की बात कही है. इस शिकायत पर विश्वास सारंग ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. वैभव का आरोप है कि 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए जो गाइडलाइन पहले से तय की गई है, जो नियम पहले से बनाए गए, उन तमाम नियमों के साथ अलग से इस टेंडर में नियम देकर पुरानी और इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को हटाने की तैयारी की गई है. अब नए नियम के साथ रायपुर की एक कंपनी को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है.

विवाद में फंसा Dial 100 का 600 करोड़ का टेंडर

भोपाल. मध्य प्रदेश में डायल हंड्रेड (Dial 100) फेस 2 का 600 करोड़ का टेंडर (Tender) विवाद में फंस गया है.जिस कंपनी को टेंडर मिला है उस पर जाली दस्तावेजों के जरिए टेंडर लेने का आरोप लग रहा है. इस मामले की जांच की मांग उस कंपनी ने की है जिसे टेंडर नहीं मिल पाया था. मध्यप्रदेश में डायल हंड्रेड फेस टू में 1000 गाड़ियां चलाई जानी हैं.इसके लिए शासन ने टेंडर जारी किए थे. इसी टेंडर प्रक्रिया में GVK EMRI और अशोका बिल्डकॉन कंपनी शामिल हुई थीं.अशोका बिल्डकॉन ने मेसर्स ABP ट्रेवल्स एंड फेसिलिटी मैनेजमेंट के साथ जॉइंट वेंचर में टेंडर में हिस्सा लिया था.

GVK ने ABP ट्रेवल्स एंड फेसिलिटी मैनेजमेंट पर IBM कंपनी का फर्जी दस्तावेज टेंडर में लगाने का आरोप लगाया है.GVK ने पुलिस के दूरसंचार मुख्यालय, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री से मामले की शिकायत की है. इस बीच इस मामले की जांच कर रहे एसपी साकेत पांडे का पुराने मामलों का हवाला देकर कम्युनिटी पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया.अब दूरसंचार एडीजी संजय झा ने मामले की जांच कर फाइल शासन को भेजी है.

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