Bhopal News: किसी को जाना है विदेश, कोई भीड़ से बच रहा, जानिए कैसे बदल रहा वैक्सीनेशन का ट्रेंड

मध्य प्रदेश की राजधानी में अब वैक्सीनेशन का ट्रेंड बदल रहा है. लोग प्राइवेट अस्पतालों में टीके लगवा रहे हैं. (File)

Corona Vaccination News: प्रदेश की राजधानी भोपाल में वैक्सीनेशन का ट्रेंड बदल रहा है. किसी को विदेश जाना है तो कोई भीड़-भाड़ में इसे लगवाना नहीं चाहता. कई लोग वैक्सीनेशन को लेकर डरे हुए हैं. लोग अब सरकारी की जगह प्राइवेट अस्पताल का रुख कर रहे हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीनेशन का ट्रेंड कुछ दिनों से बदल रहा है.इस ट्रेंड में बदलाव पिछले 10 दिनों से दिखाई दे रहा है, जिसमें लोग अब प्राइवेट वैक्सीनेशन की तरफ रुख कर रहे हैं. शहर के प्राइवेट अस्पतालों में रोज करीब 500 लोगों को वैक्सीन लग रही है. पहले से रखा स्टॉक तेजी से इस्तेमाल होने लगा है. अभी 5 अस्पतालों मिरेकल, चिरायु, हजेला, पीपुल्स और सिद्धी विनायक में ही प्राइवेट वैक्सीनेशन किया जा रहा है.

इस बदलाव के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. गौरतलब है कि भोपाल के अस्पतालों में 10 दिन पहले तक कुल क्षमता के 5% डोज ही इस्तेमाल हो पाते थे, लेकिन अब 60% इस्तेमाल हो रहे हैं. हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय की गई लोगों की सख्या 25% से कम है. लेकिन, आने वाले समय में क्षमता 25 फीसदी तक पहुंच जाएगी.

कई वजह हैं बदलाव की

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अधिकांश लोग भीड़-भाड़ से बचना चाहते हैं. साथ ही अपनी वैक्सीन समय पर लगवाना चाहते हैं. कई लोगों को विदेश जाना है, तो कई लोगों को समय की चिंता सता रही है. इतना ही नहीं, कई लोग एलर्जी समेत ऐसी बीमारियों से ग्रसित हैं, जिनकों लेकर वे सरकारी वैक्सीन सेंटर नहीं जाना चाहते. कोरोना से बचने के लिए भी कई लोग प्राइवेट वैक्सीन सेंटर की तरफ रुख कर रहे हैं.

बेखौफ पर्यटक और खरीदार बने नया खतरा

करोड़ों में संक्रमितों की संख्या और मौत का आंकड़ा चार लाख के पार जाने के बाद कोई भी यह सोचेगा कि भारतीय कोरोना वायरस (Coronavirus) की भयावहता को जानते हैं. कहा जा रहा होगा कि देश में लोग कोविड संबंधी व्यवहार, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) जैसे नियमों का पालन कर रहे होंगे, लेकिन जमीनी हकीकत से यह तथ्य मेल नहीं खाते. दूसरी लहर में महामारी के सबसे बुरा दौर देखने बाद भी लोगों के बीच खौफ नहीं है.

तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए तेज टीकाकरण, लोगों के बीच संकोच को खत्म करने जैसे संघर्ष जारी है. इसी बीच हिल स्टेशन, बाजार, मॉल जैसी जगहों पर खतरों को दरकिनार कर धड़ल्ले से नियमों का उल्लंघन भी चल रहा है. एक्सपर्ट्स भी इस बात की चेतावनी दे चुके हैं कि अगर कोविड संबंधी नियमों का पालन नहीं हुआ, तो तीसरी लहर 6-8 हफ्तों में आ सकती है.

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