MP News: जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर की गाड़ी टकराई, शख्स ने कहा- क्या कर लेगा DIG,जानिए पूरी कहानी

एमपी की राजधानी में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर की गाड़ी में बैठे शख्स ने सड़क पर नशे में जमकर हंगामा किया.

Bhopal News: खुद को जीएसटी कमिश्नर बताने वाले शख्स ने पुलिसवालों को खुली चुनौती दी. उसने नशे में कहा कि मैं कमिश्नर हूं और मेरा डीआईजी इरशाद वली भी कुछ नहीं कर पाएगा. विवाद बढ़ने पर पुलिस कथित कमिश्नर को थाने ले आई. थाने में दोनों पक्षों में समझौता हो गया.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में GST के असिस्टेंट कमिश्नर की गाड़ी में बैठे शख्स ने पुलिस को खुली चुनौती दी. उसने बीच सड़क पर शराब पीकर जमकर हंगामा किया. खुद को कमिश्नर बताने वाले शख्स के साथ SUV में पत्नी भी थी. शख्स ने पुलिसकर्मियों को धमकाते हुए कहा कि तुम्हारा DIG इरशाद वली भी कुछ नहीं कर पाएगा.

जानकारी के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय के सामने बीती रात दो कारों में टक्कर हो गई. उसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ. इतना ही नहीं उनके बीच आपस में मारपीट भी हुई. एक SUV पर असिस्टेंट कमिश्नर GST लिखा हुआ था. उसमें बैठा शख्स अपनी पत्नी के साथ था. उसने मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को अपनी पत्नी का नाम नीलम चौधरी बताया. उसने कहा कि कार में बैठी महिला मेरी पत्नी है और मैं भोपाल का कमिश्नर हूं.

थाने ले गई पुलिस
उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि यह लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं. इनको अंदर करो. खुद को कमिश्नर बताने वाला शख्स शराब के नशे में धुत था. इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रिलैक्स होने की सलाह दी. इसके बावजूद भी वह नहीं माना और सड़क पर मारपीट करने लगा. इसके बाद पुलिसकर्मी उसे बाइक पर बैठाकर थाने ले गए. दूसरा पक्ष भी थाने पहुंचा. लेकिन दोनों पक्षों ने आपसी समझौता हो गया और कोई मामला दर्ज नहीं हुआ.

नशे में धुत होकर डीआईजी का नाम लिया
जिस कार पर असिस्टेंट कमिश्नर GST लिखा हुआ था उसमें सवार शख्स ने हंगामा करते हुए पुलिसकर्मियों से कहा कि मेरी गाड़ी में पेटी पड़ी हैं. बताओ कितनी पेटी चाहिए. वह यहीं नहीं रुका. उसने ये भी कहा- तुम्हारा इरशाद वली क्या करेगा. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

पुलिस विभाग की इस खबर पर भी डालें नजर
मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 11 अधिकारियों को अब आईपीएस (IPS) बनने का जल्द मौका मिलेगा. पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने प्रस्ताव बनाकर गृह विभाग (Home Department) को भेज दिया है. जबकि गृह विभाग इस प्रस्ताव को फाइनल करके सेंट्रल गवर्नमेंट को भेजेगा. बता दें कि कोरोना के चलते यह प्रक्रिया धीमी थी, लेकिन अब इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि राज्य पुलिस सेवा के 11 अधिकारी सितंबर-अक्टूबर में आईपीएस बन सकेंगे. बता दें कि इन 11 अधिकारियों को आईपीएस आवंटित करने की प्रक्रिया मार्च में ही पूरी हो जानी थी, लेकिन कोरोना की वजह से देरी हुई. अब मध्‍य प्रदेश के गृह विभाग द्वारा आईपीएस के एक पद के लिए तीन अधिकारियों के नाम केंद्रीय गृह मंत्रालय हो भेजे जा रहे हैं.

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