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फर्जी वोटर ID मामला: हरदा का निकला मास्टरमाइंड, मुरैना में हुआ फर्जीवाड़ा

मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट पर है. प्रदेश में फर्जी वोटर आईडी के मामले ने प्रशासन के सिर का दर्द बढ़ा दिया है. (File)

मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट पर है. प्रदेश में फर्जी वोटर आईडी के मामले ने प्रशासन के सिर का दर्द बढ़ा दिया है. (File)

Madhya Pradesh News: फर्जी वोटर आईडी मामले में मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. प्रदेश के मुरैना में फर्जी वोटर आईडी जमकर बनाए गए. इसका मास्टरमाइंड हरदा का है. एमपी पुलिस अब इस मामले को लेकर अलर्ट पर है. पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं.

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भोपाल. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंध लगाकर फर्जी वोटर आईडी बनाने का खुलासा होने के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) पुलिस अलर्ट पर है. मध्य प्रदेश में मुरैना और उसके आसपास के इलाकों में कई फर्जी वोटर आईडी बनाए गए थे. ये आईडी बनाने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड हरदा का अरमान मलिक है. यह आरोपी दिल्ली में रह रहा था. मध्य प्रदेश से कनेक्शन सामने आने के बाद कई दूसरे गिरोह के आरोपी भी रडार पर हैं. एमपी पुलिस अपने स्तर पर इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर जांच कर रही है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की पुलिस ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंध लगाकर फर्जी वोटर आईडी बनाने के आरोप में अरमान समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आदित्य खत्री और नितिन भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली के कार्यालय में संविदा नियुक्ति पर नौकरी करते थे. अरमान अमन विहार दिल्ली में रहकर साइबर कैफे चलाता था. उसने आईडी-पासवर्ड सहारनपुर के विपुल सैनी को दिए थे. आरोपी विपुल सैनी आईडी-पासवर्ड के जरिए फर्जी वोटर आईडी कार्ड बना रहा था. यह गिरोह करीब 10 हजार से अधिक कार्ड अवैध तरीके से बना चुका है.

ऐसे बने एमपी में फर्जी वोटर आईडी
आरोपी अरमान ने भारत निर्वाचन आयोग के दिल्ली कार्यालय के दो संविदा कर्मचारियों से साठगांठ कर लॉगिन आईडी-पासवर्ड हासिल किया था. मुरैना के अंबाह निवासी कम्प्यूटर ऑपरेटर हरिओम सखवार ने मध्य प्रदेश में कई लोगों के फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाए. अधिकतर वोटर आईडी मुरैना के अलावा उसके आसपास के इलाके के लोगों के बनाए गए. आरोपी हरिओम फरार है. मुरैना में यूपी पुलिस उसकी तलाश में आई थी, लेकिन पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा.

यूं हुआ था घटनाक्रम
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) की वेबसाइट को कथित रूप से हैक करने के आरोप में यूपी के सहारनपुर से 20 साल के एक युवक को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था. शुरुआती जानकारी में कहा गया है कि यह युवक सहारनपुर के नकुड़ क्षेत्र स्थित अपनी छोटी सी कंप्यूटर की दुकान में कथित तौर पर हजारों वोटर आईडी कार्ड बना रहा था. इस युवक की पहचान विपुल सैनी के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि विपुल सैनी उसी पासवर्ड से चुनाव आयोग की वेबसाइट पर लॉग-इन करता था, जिसका इस्तेमाल चुनाव आयोग के अधिकारी कर रहे थे. पूछताछ के दौरान सैनी ने मध्य प्रदेश के हरदा जिले के रहने वाले अरमान मलिक को भी अपना साथी बताया है. साथ ही उसने कबूल किया है कि तीन महीने में 10 हजार फर्जी वोटर आईडी बनाए गए हैं.

चुनाव आयोग ने जांच एजेंसियों को दी सूचना
चुनाव आयोग ने नोटिस किया कि कुछ गलत हो रहा है. तब उसने इस मामले की सूचना कई जांच एजेंसियों को दी. जांच एजेंसियों ने सैनी के ठिकाने का पता लगाया और सहारनपुर पुलिस को सूचित किया. इस बीच, इलेक्शन कमीशन ने डेटा सुरक्षित करने के कई उपाय किए और आश्वस्त किया कि उनका डेटाबेस अब सुरक्षित है. दिल्ली की जांच एजेंसियां अब कोर्ट से सैनी को रिमांड पर लेंगी.

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