• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • MP News: सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर मांगा फर्जी ट्रांसफर, सीएम हाउस ने भेज दी फाइल, क्या है पूरा माजरा

MP News: सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर मांगा फर्जी ट्रांसफर, सीएम हाउस ने भेज दी फाइल, क्या है पूरा माजरा

मध्य प्रदेश में किसी शातिर ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर फर्जी नोटशीट बनाकर सीए हाउस भेज दी. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में किसी शातिर ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर फर्जी नोटशीट बनाकर सीए हाउस भेज दी. (फाइल फोटो)

Madhya Pradesh News: सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित कुछ नेताओं के नाम पर धोखाधड़ी हुई. किसी शातिर ने उनके नाम पर ट्रांसफर की नोटशीट बनाई और सीएम हाउस भेज दी. मामला संदिग्ध लगने पर नेताओं से पूछताछ की गई. खुलासा होने के बाद क्राइम ब्रांच में शिकायत की गई.

  • Share this:

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) की राजधानी भोपाल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मामला ऐसा कि मुख्यमंत्री निवास में हड़कंप मच गया. किसी अंजान शख्स ने भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत 3 सांसदों और विधायक की अनुशंसा के ट्रांसफर की फर्जी नोटशीट सीएम हाउस पहुंचा दी. सीएम हाउस की तरफ से पुलिस में शिकायत कर दी गई है.

सीएम हाउस में मंत्री, सांसदों और विधायकों के नाम पर ट्रांसफर के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. किसी ने राजनेताओं के नाम पर ट्रांसफर की फर्जी नोटशीट पहुंचा दी. ये नोटशीट देखकर अधिकारियों को संदेह हुआ तो संबंधित सांसदों और विधायक से बात की गई. सभी नेताओं ने ट्रांसफर कराने की बात को सिरे से खारिज कर दिया. इसके बाद सीएम हाउस ने भोपाल क्राइम ब्रांच को इसकी शिकायत की. क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है.

इनके नाम पर हुई धोखाधड़ी
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि सीएम हाउस से धोखाधड़ी की शिकायत मिली है. इसमें स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा और राजस्व विभाग के करीब 12 कर्मचारियों के ट्रांसफर की नोटशीट भेजी गई. इसमें भोपाल सांसद प्रज्ञा, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर, देवास सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी और रायसेन जिले के सिलवानी विधायक रामपाल सिंह का नाम है.

शिवराज कर चुके आगाह
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस तरह की खबरों पर पहले ही चिंता जाहिर कर चुके हैं. सीएम ने दो दिन पहले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा था कि वह इस तरह की लालच में न आएं, न ही इस तरह से किसी मंत्री, अधिकारी या किसी अन्य के नाम पर बहकावे में आएं.

MP पुलिस में बंटी जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश की आम जनता के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है. क्योंकि प्रदेश में जिस तेज गति से साइबर क्राइम बढ़ रहा है और लोग इसके लगातार शिकार हो रहे हैं, ऐसे में उनकी शिकायतों को सुनने की जो व्यवस्था पहले थी उसे बदलने का काम किया गया है. शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्थानीय थाने में भी साइबर क्राइम की जांच और एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था तैयार की है. इस नई व्यवस्था से अब साइबर क्राइम के शिकार लोगों को स्टेट और जिले की साइबर सेल के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे.

अब तक की व्यवस्था के मुताबिक साइबर क्राइम होने की स्थिति में जिला मुख्यालय या भोपाल में बनी राज्य साइबर सेल में लोगों को शिकायत करना पड़ती थी, लेकिन अब सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत छोटे-छोटे साइबर क्राइम की स्थिति में स्थानीय थाना पुलिस मामलों की जांच कर लोगों की मदद करेगी. जबकि किसी बड़े साइबर क्राइम होने की स्थिति में ही साइबर सेल जाने की जरूरत आम आदमी को रहेगी. सरकार ने पुलिस और साइबर सेल के काम को बांट दिया है. यह इसलिए किया गया है ताकि आम जनता साइबर क्राइम से जुडी शिकायतों को लेकर पुलिस के चक्कर न काटे.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज