उप चुनाव में बंपर जीत के बाद, अब शिवराज के सामने मंत्रिमंडल विस्तार की नई चुनौती

शिवराज के मौजूदा मंत्रिमंडल में 3 जगह खाली हैं और दो खाली होना तय हैं.
शिवराज के मौजूदा मंत्रिमंडल में 3 जगह खाली हैं और दो खाली होना तय हैं.

मध्य प्रदेश (MP) में सत्ता बदलने में सिंधिया का ही हाथ था. ज़ाहिर है उन्हें इसका इनाम भी मिला. सिंधिया (Scindia) का आभार मानने और उपचुनाव में जीत के लिए शिवराज मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गयी थी.

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ईपाल. एमपी (MP) की 28 विधान सभा सीटों के उपचुनाव में बहुमत पाने के बाद अब शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है. शिवराज सिंह (CM Shivraj) ने भले ही अभी ये कह दिया हो कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होगा, लेकिन मंत्री बनने के सपने संजोए विधायकों ने तो लॉबिंग शुरू कर दी है.

उप चुनाव परिणाम आने के अगले ही दिन सीएम शिवराज की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से हुई मुलाकात ने मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज़ कर दी है. चुनाव से पहले दो मंत्रियों तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत के इस्तीफे और ऐंदल सिंह कंसाना के चुनाव हारने के बाद मौजूदा शिवराज मंत्रिमंडल में 3 जगह खाली हैं. इमरती देवी और गिर्राद दंडोतिया भी चुनाव हार चुके हैं. उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है लेकिन उनकी जगह भी खाली होना है. सिलावट और राजपूत का मंत्री बनना तय है. बाकी बची 3 जगहों और मंत्रिमंडल विस्तार में जगह पाने के लिए विधायक और उनके आकाओं ने ज़ोर लगाना शुरू कर दिया है.

विस्तार तो होगा लेकिन कब
शिवराज मंत्रिमंडल में विंध्य को तवज्जो देने की बीजेपी विधायक गिरीश गौतम की मांग के बाद विधायकों की लॉबिंग अब तेज होती नजर आ रही है. हालांकि सीएम शिवराज कह चुके हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार की कोई योजना नहीं है. मुख्यमंत्री के संकेतों से साफ है कि दिवाली से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होगा.
खाली पदों पर नज़र


शिवराज मंत्रिमंडल के संख्या गणित पर नजर डालें तो उप चुनाव से पहले दो मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और तुलसीराम सिलावट का इस्तीफा हो चुका है. उपचुनाव में तीन मंत्रियों की हार हो चुकी है.हार के बाद पीएचई मंत्री एदल सिंह कंसाना ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. मंत्री इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है. यदि दोनों मंत्री इस्तीफा देते हैं तो मंत्रिमंडल में पांच की जगह खाली हो जाएगी. इन खाली पदों पर अपनी जगह बनाने के लिए बीजेपी के सीनियर विधायकों ने अपनी दावेदारी जताना शुरू कर दिया है. पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने कहा मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा और कैसे होगा, इसका फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे.

इमरती-दंडोतिया ने नहीं दिया इस्तीफा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा मंत्रिमंडल का विस्तार दिवाली के बाद जल्द होगा और उसमें जाति के साथ क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश होगी. शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी के अंदर उठ रहे सुरों पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा उपचुनाव में हार के बाद एंदल सिंह कंसाना ने इस्तीफा दिया है. लेकिन इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया का इस्तीफा नहीं देना उनके अहंकार को दर्शाता है.

दिग्गजों को इंतज़ार
मध्य प्रदेश में सत्ता बदलने में सिंधिया का ही हाथ था. ज़ाहिर है उन्हें इसका इनाम भी मिला. सिंधिया का आभार मानने और उपचुनाव में जीत के लिए शिवराज मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गयी थी. यही वजह थी कि मंत्रि पद के प्रबल दावेदार संजय पाठक, रामपाल सिंह, गौरीशंकर बिसेन, राजेंद्र शुक्ला, नागेंद्र सिंह, रमेश मेंदोला, अजय विश्नोई, गिरीश गौतम जैसे नेता दौड़ से बाहर कर दिए गए थे. लेकिन अब उपचुनाव के नतीजों में तीन मंत्रियों की हार और दो मंत्रियों के पहले ही इस्तीफे हो जाने के बाद इन विधायकों की उम्मीद फिर से जाग उठी है.
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