MP विधानसभा अध्यक्षः गिरीश गौतम ने भरा नामांकन, स्पीकर बनना तय; कहा- सभी को साथ लेकर चलूंगा

गिरीश गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष पद का नामांकन भरा.

गिरीश गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष पद का नामांकन भरा.

गिरीश गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है. वे रीवा के देवतालाब से 4 बार के विधायक रहे हैं. नामांकन के दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद थे.

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  • Last Updated: February 21, 2021, 11:15 AM IST
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भोपाल. रीवा के देवतालाब से 4 बार के विधायक गिरीश गौतम ने विधानसभा स्पीकर पद का नामांकन भर दिया है. वे रविवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ विधानसभा पहुंचे. नामांकन भरने के बाद गिरीश गौतम ने कहा- मैं संगठन और पार्टी के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा. विंध्य कभी असंतुष्ट नहीं था. सदन में सबको साथ लेकर चलना प्राथमिकता होगी.

इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गिरीश गौतम के हाथों में विधानसभा संचालन का दायित्व होगा. गिरीश गौतम मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष होंगे. विंध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण अंग है. हमें विंध्य की जनता का स्नेह, प्यार और आशीर्वाद भरपूर मिला है. मुझे पूरा विश्वास है कि अपनी कर्मठता, निष्पक्षता सबको साथ लेकर चलने की क्षमता और संसदीय ज्ञान की जानकारी के आधार पर गिरीश गौतम जी अध्यक्ष पद की गरिमा को बढ़ाएंगे.

क्षेत्रीय असंतुलन की पूर्ति हो गई- शुक्ल

गिरीश गौतम के नामांकन के बाद विंध्य के कद्दावर नेता राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि क्षेत्रीय असंतुलन की आज पूर्ति हो गई. विंध्य से काफी सीट मिली थीं, इसलिए ये निर्णय संतुष्ट करने वाला है. मंत्रिमंडल में विंध्य के नेताओं को शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये फैसला सीएम को करना है.
डिप्टी स्पीकर भी हमारा होगा- भदौरिया

कैबिनेट मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि विंध्य ने हमें ताकत दी थी इसलिए विंध्य को प्रतिनिधित्व मिलना तय था. बीजेपी में वीटो वाला सिस्टम नहीं है. यहां नाम संगठन तय करता है. डिप्टी स्पीकर के सवाल पर उन्होंने बोला - कांग्रेस ने दम्भ और अहंकार में परंपरा तोड़ दी थी. इसलिए अब जैसी बॉल मारी थी वैसी ही वापस जाएगी.

गिरीश गौतम ने इस तरह शुरू की थी सियासी पारी



बता दें, साल 1972 से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे गिरीश गौतम ने 1977 से लगातार किसानों एवं मजदूरों के लिए संघर्ष किया. वह 2003 में रीवा की मनगवां विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने थे. हालांकि इसके बाद इस सीट के आरक्षित होने के बाद बीजेपी ने उन्हें देवतालाब भेजा जहां से वह लगातार 2008, 2013 व 2018 में जीते. वह इस विधानसभा की लोक लेखा, महिला एवं बाल कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.
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