सचिन पायलट के बहाने कमलनाथ के करीबी पूर्व मंत्री ने की कांग्रेस में सेकेंड लाइन लीडरशिप की वकालत

Bhopal News: पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा राजस्थान में सचिन पायलट की क्षमताओं का इस्तेमाल पार्टी को करना चाहिए. पायलट में प्रशासनिक क्षमता और दक्षता है.

Bhopal News: पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा राजस्थान में सचिन पायलट की क्षमताओं का इस्तेमाल पार्टी को करना चाहिए. पायलट में प्रशासनिक क्षमता और दक्षता है.

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भोपाल. राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan congress) में चल रही सियासी उठापटक के बीच कमलनाथ के करीबी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh varma) ने पार्टी में सेकेंड लाइन लीडरशिप की वकालत कर दी है. सचिन पायलट के ज़रिए उन्होंने खुलकर कहा कांग्रेस पार्टी में सेकंड लाइन को आगे बढ़ाने की ज़रूरत है. सचिन पायलट पायलट योग्य हैं. उनकी क्षमता और लोकप्रियता का पार्टी को इस्तेमाल करना चाहिए.

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने राजस्थान के असंतुष्ट कांग्रेस नेता सचिन पायलट का समर्थन किया है. उन्होंने कहा राजस्थान के सियासी हालात ठीक करने के लिए पीसीसी चीफ कमलनाथ को अहम जिम्मेदारी दी गयी है. जल्द ही वहां सियासी खींचतान थम जाएगी. अशोक गहलोत सचिन पायलट के बीच चल रहा विवाद खत्म हो जाएगा.

पायलट योग्य हैं
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा राजस्थान में सचिन पायलट  की क्षमताओं का इस्तेमाल पार्टी को करना चाहिए. कांग्रेस पार्टी में सेकंड लाइन को आगे बढ़ाने की जरूरत है. पायलट में प्रशासनिक क्षमता और दक्षता मौजूद है. राजस्थान में पार्टी को उसका इस्तेमाल करना चाहिए. मुमकिन है कमलनाथ को मिली जिम्मेदारी का असर राजस्थान में पार्टी के अंदर मची खींचतान खत्म करने में असरदार साबित हो.

अस्पताल से डैमेज कंट्रोल
ज्योतिरादित्य सिंधिया के दल बदल कर बीजेपी में शामिल होने के बाद से अटकल जारी है कि राजस्थान में सचिन पायलट बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. ऐसे में मध्यप्रदेश की भूल सुधारने की कोशिश में लगी कांग्रेस पार्टी राजस्थान में डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. इसकी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को दी गई है. बताया जा रहा है कि कमलनाथ दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हैं. लेकिन अस्पताल से ही वह पंजाब और राजस्थान में पार्टी में मची खींचतान को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं.

बीजेपी में घमासान
CM शिवराज की पीएम मोदी से मुलाकात को कांग्रेस ने प्रदेश बीजेपी में मचे घमासान का नतीजा बताया. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा इसी कारण शिवराज को दिल्ली तलब किया गया था. सरकार के लगातार कर्ज लेने से प्रदेश डूबता जा रहा है. सरकार को वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए आमदनी के स्रोत विकसित करना चाहिए. वो पेट्रोल और डीजल में टैक्स वसूल कर सरकार आम लोगों की जेब पर डाका डाल रही है.

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