शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार : ज्योतिरादित्य की पसंद के साथ सिंधिया घराने को भी मिली जगह
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शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार : ज्योतिरादित्य की पसंद के साथ सिंधिया घराने को भी मिली जगह
शिवराज कैबिनेट विस्तार-यशोधरा राजे सिंधिया शिवराज सरकार में मंत्री पद की शपथ ली.

बुआ-भतीजे का राजनीतिक टकराव खत्म है. अब दोनों बीजेपी (BJP) में हैं. इसका असर आज मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet expansion) में दिख भी गया.

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भोपाल. शिवपुरी से विधायक यशोधरा राजे सिंधिया (Yashodhara Raje Scindia) भी आज शिवराज के मंत्रिमंडल (Shivraj cabinet) में शामिल कर ली गयीं.इस तरह सिंधिया घराने को फिर मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल गया. अब प्रदेश और देश की राजनीति में जब सिंधिया घराना बीजेपी (bjp) का हो गया है तो बुआ का फिर मंत्री बनना भी कहीं भतीजे ज्योतिरादित्य की पसंद तो नहीं.

ऐसे बनी बात
शिवराज के मंत्रिमंडल में जिन नामों को लेकर संशय बना हुआ था उनमें यशोधरा का नाम भी शामिल था.जोतिरादित्य सिंधिया की पसंद से कैबिनेट में उनकी बुआ यशोधरा को भी शामिल किया गया है.हालांकि मंत्री पद के दावेदावों को लेकर ये बात कही जा रही थी कि यशोधरा अगर मंत्री नहीं बन पाएंगी तो इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह जोतिरादित्य सिंधिया ही होंगे.अफवाह ये भी फैली की दोनों के बीच अब ईगो का इश्यू होगा. लेकिन हुआ इसके ठीक विपरीत.चूंकि सिंधिया ने अपना पाला बदल लिया है इसलिए बुआ-भतीजे दोनों में पारिवारिक और आंतरिक मनमुटाव भी अब खत्म हो गया है.अब जब दोनों दिग्गज एक पार्टी में आ चुके हैं लिहाजा परिवारवाद भी यशोधरा को मंत्री पद दिलवाने में कामगर सिद्ध हुआ.

क्यों मंत्री पद की बनी दावेदार
इसी के साथ यशोधरा राजे खुद शिवराज सिंह चौहान की पसंद हैं. उधर राजस्थान से उनकी बहन वसुंधरा राजे सिंधिया का नाम और केंद्रीय नेतृत्व की पसंद ने भी उनका साथ दिया.साथ ही एमपी की राजनीति में पार्टी सिंधिया घराने को प्रतिनिधित्व रखना चाहती है. वो MP में राजमाता की प्रतिनिधि हैं.



अफसरों की फटकार-यशोधरा राजे सिंधिया की बात करें तो अक्खड़ स्वभाव की हैं.इससे पहले भी वो शिवराज मंत्रिमंडल का हिस्सा रह चुकी हैं. यशोधरा राजे सिंधिया ग्वालियर के महाराजा मराठा जीवाजीराव सिंधिया और विजयराजे सिंधिया की सबसे छोटी बेटी हैं. वे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सिंधिया की छोटी बहन हैं.हालांकि मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका वो दबदबा नहीं जैसा उनकी मां विजयाराजे या राजस्थान की राजनीति में उनकी बहन वसुंधरा राजे का है. यशोधरा राजे बिगड़े सिस्टम पर अफसरों की फटकार लगाने के कारण चर्चा में आती रहती हैं.

राजनीतिक सफर
यशोधरा राजे सिंधिया के राजनीतिक सफर पर नज़र डालें तो 2003 में उन्होंने शिवपुरी से विधानसभा चुनाव जीता.लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही 2007 में ग्वालियर लोकसभा उपचुनाव जीता और शिवपुरी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया.हालांकि अगले ही साल 2008 में शिवपुरी में उन्हें विधानसभा चुनाव में फिर टिकट मिल गया और वो जीत भी गयीं. इसके बाद 2013 और 2018 में लगातार वो शिवपुरी से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं.
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