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व्यापमं घोटाला मामले में एमपी STF ने दर्ज की 4 नई FIR
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 6, 2020, 8:49 PM IST
व्यापमं घोटाला मामले में एमपी STF ने दर्ज की 4 नई FIR
मप्र एसटीएफ ने पीएमटी परीक्षा 2009 मामले में दर्ज की 3 नई एफआईआर

एमपी एसटीएफ (MP STF) ने अब पुलिस भर्ती परीक्षा (Police recruitment exam) में हुए फर्जीवाड़े को लेकर एफआईआर दर्ज की है. सोमवार को कुल 4 नई एफआईआर दर्ज की गईं, जिसमें एक पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा और 3 एफआईआर पीएमटी परीक्षा फर्जीवाड़े में दर्ज की गई है

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भोपाल. मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाला मामले में अभी तक एसटीएफ 10 एफआईआर (FIR) दर्ज कर चुकी है. सबसे ज्यादा एफआईआर पीएमटी की परीक्षा में दर्ज की गई. पीएमटी में अधिकांश आरोपी एमबीबीएस डॉक्टर हैं. इन आरोपियों में कई आरोपी डॉक्टर सरकारी अस्पताल में नौकरी कर रहे हैं. भोपाल जिला कोर्ट (Bhopal District court) दो आरोपी डॉक्टरों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है.

व्यापमं घोटाला मामले में दर्ज हुई 4 नई FIR
एसटीएफ एडीजी अशोक अवस्थी ने बताया कि अभी तक 10 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है. आज 4 नई एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें पहले मामले में पुलिस आरक्षक भर्ती 2013 केस में आरक्षक बिजेंद्र राव और अन्य को आरोपी बनाया गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच की गई, तो पता चला कि आरोपी बिजेंद्र राव ने दलाल और स्कोरर की मदद से परीक्षा पास की है. बिजेंद्र के हस्ताक्षर नमूना और हस्तलेख उत्तर पुस्तिका में किए गए हस्ताक्षर और हस्तलेख अलग-अलग हैं. बिजेंद्र रावत ने व्यापमं द्वारा आयोजित पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 में स्कोरर और दलाल को पैसे देकर अनुचित तरीके से षडयंत्रपूर्वक परीक्षा पास की. बिजेंद्र नौकरी कर रहा है. एसटीएफ ने उसे नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब किया है.

सबसे ज्यादा FIR पीएमटी परीक्षा में 

एसटीएफ ने जो 4 एफआईआर दर्ज की है, उनमें 3 पीएमटी परीक्षा 2009 और 2019 की परीक्षा से जुड़ी हुई हैं. अशोक अवस्थी ने बताया कि फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के जरिए 3 अभ्यार्थियों ने मध्य प्रदेश राज्य कोटा का लाभ लेकर शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था. फर्जी प्रवेश लेने वाले 3 आरोपी सौरभ सचान, बैनजीर शाह फारुखी पर पीएमटी परीक्षा 2009 और विपिन कुमार सिंह पर पीएमटी परीक्षा 2010 केस में अलग-अलग 3 एफआईआर दर्ज की गईं हैं. इन नामजद आरोपियों के साथ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.

व्यापमं के अधिकारियों को नोटिस भेजा
एसटीएफ एडीजी अशोक अवस्थी ने बताया कि व्यापमं के अधिकारी और परीक्षाओं को आयोजित करने वाले लोगों को नोटिस भेजे गए हैं. जिन केसेस में एफआईआर दर्ज की गई, उनमें अभी तक व्यापमं स्तर पर चूक सामने आई है. विभागीय स्तर पर भी जांच चल रही है. जिन अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें अधिकांश तत्कालीन अधिकारी शामिल हैं, जिनकी जिम्मेदारी में कई परीक्षाएं हुई थीं.197 शिकायतों की जांच कर रही है STF
एसटीएफ 197 लंबित शिकायतों की जांच कर रही है. यह शिकायतें जब एसटीएफ से केस सीबीआई ने अपने हैंडओवर लिया था, तब सभी को वापस एसटीएफ को कर दिया गया था. दरअसल सीबीआई ने केवल दर्ज मामलों को ही हैंडओवर में शामिल किया था. तब से यह शिकायतें लंबित है. कमलनाथ सरकार ने व्यापमं घोटाले की जांच के निर्देश दिए थे. इसी निर्देश का पालन करते हुए एसटीएफ सीबीआई के द्वारा दर्ज एफआईआर और उसकी कार्यवाही में किसी तरह का दखल नहीं दे रहीहै. लेकिन एसटीएफ उन लंबित शिकायतों की जांच जरूर कर रही है. इन्हीं शिकायतों की जांच के बाद एसटीएफ ने अभी तक 10 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है.

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First published: January 6, 2020, 7:15 PM IST
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