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MP TET Exam 2022 Scam: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कॉलेज हुआ ब्लैकलिस्ट, 5 कैंडिडेट पर FIR

MP TET Exam 2022 Scam: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कॉलेज हुआ ब्लैकलिस्ट, 5 कैंडिडेट पर FIR

Bhopal News: टीईटी फर्जीवाड़ा मामले में परिवहन मंत्री के कॉलेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

Bhopal News: टीईटी फर्जीवाड़ा मामले में परिवहन मंत्री के कॉलेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

Madhya Pradesh TET Exam 2022 Fraud Case: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) टीईटी 2022 फर्जीवाड़ा मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput College Blacklisted) के कॉलेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इसके साथ ही पीईबी की शिकायत और उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर 5 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश टीईटी 2022 फर्जीवाड़ा केस में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के कॉलेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इस मामले में पीईबी की शिकायत और उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर एमपी नगर थाना पुलिस ने 5 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दरअसल, मार्च 2012 में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने टीईटी प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की थी. इस परीक्षा का परिणाम भी कुछ दिनों पहले आया है, लेकिन परीक्षा होने के दौरान पेपर लीक होने का मामला सामने आया था. इस फर्जीवाड़े को लेकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट एमपी नगर थाना पुलिस को सौंप दी है.

इस रिपोर्ट के अनुसार 5 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में 5 अभ्यार्थियों पर कार्रवाई के कारण बताए गए. रिपोर्ट के बिंदु के अनुसार इन पांचों अभ्यार्थियों की अभ्यार्थिता निरस्त की गई. साथ ही बोर्ड की आगामी 3 सालों में आयोजित होने वाले सभी परीक्षा में इन्हें शामिल नहीं करने का फैसला लिया गया. कानूनी कार्रवाई के लिए इन पर एफआईआर दर्ज करने का फैसला लिया गया. इसके अलावा अभ्यार्थियों को प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में आवंटित परीक्षा केंद्र सर्व धर्म महाविद्यालय ग्वालियर और ज्ञानवीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड साइंस सागर को भविष्य में बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में केंद्र के रूप में नहीं लिए जाने का निर्णय लिया गया.

कॉलेज में अब नहीं होगा एग्जाम सेंटर

PEB ने सागर के ज्ञानवीर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस कॉलेज को भविष्य में एग्जाम सेंटर नहीं बनाने का फैसला लिया है. यह कॉलेज परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का है. यहीं से पेपर का स्क्रीन शॉट वायरल हुआ था. दोनों कॉलेजों की भूमिका भी जांच के घेरे में हैं. जिन पांच अभ्यार्थियों पर एफआईआर दर्ज की गई उनके नाम निशा सोलंकी, परत सिंह रावत, भुवनेश्वर शर्मा, नीलम केमोर ,मनोज सोलंकी है.

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इस फर्जीवाड़े कोमामले में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि PEB ने पहली बार एफआईआर कराई है. इसकी जांच मैप आईटी से कराई है. नकल के प्रकरण में पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है. जिस कॉलेज में परीक्षा हुई थी जिसमें सागर और एक अन्य कॉलेज शामिल है. उन दोनों कॉलेज को भविष्य में कभी भी एग्जाम सेंटर नहीं बनाने का फैसला लिया है.

Tags: Bhopal news, Mp news

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