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MP सरकार MSP पर किसानों के लिए पहले ही उठा चुकी है बड़ा कदम, फिलहाल बंद पड़ी है योजना...

सरकार ने योजना में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द,लहसुन और तुअर को शामिल किया है.
सरकार ने योजना में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द,लहसुन और तुअर को शामिल किया है.

भावांतर योजना में ये व्यवस्था थी कि फसल की कीमतें गिर जाने पर सरकार बाजार भाव और न्यूनतम सर्मथन मूल्य (MSP) के बीच के अंतर की राशि किसानों को देती. यह राशि किसानों (Farmer) के खाते में जमा की जानी थी

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भोपाल.नये कृषि बिल (New agriculture law) के विरोध और एमएसपी (MSP) को लेकर देश में मचे घमासान के बीच ये खबर दिलचस्प है. मध्य प्रदेश में कई साल पहले ही सरकार MSP पर बड़ा कदम उठा चुकी है. ये थी भावांतर योजना. हालांकि फिलहाल यह योजना बंद पड़ी है.इस योजना के तहत किसानों को बाजार भाव और एमएसपी में अंतर की राशि देने की व्यवस्था थी ताकि किसानों को नुकसान नहीं हो.

ये थी शिवराज सरकार की योजना
कई बार किसानों को उनकी फसल का वाजिब भाव नहीं मिल पाता है. मंडियों में उपज के दाम गिर जाते हैं. इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. किसानों को ऐसी स्थिति से बचाने के बीजेपी सरकार ने कुछ साल पहले बड़ा कदम उठाया था. मंदसौर में हुए बड़े किसान आंदोलन और गोलीकांड के बाद सरकार ने उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भावांतर योजना शुरू की थी.

ये थी व्यवस्था
भावांतर योजना में ये व्यवस्था थी कि फसल की कीमतें गिर जाने पर सरकार बाजार भाव और न्यूनतम सर्मथन मूल्य (MSP) के बीच के अंतर की राशि किसानों को देती. यह राशि किसानों के खाते में जमा की जानी थी. भावांतर योजना के तहत किसानों को अपनी उपज को बेचने से पहले रजिस्ट्रेशन करवाना ज़रूरी था. भावांतर योजना के लिए सरकार के ई उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता था. इस भावांतर योजना का ये लाभ था कि किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाती.



कांग्रेस सरकार में बंद हुई थी योजना...
लेकिन मंदसौर गोली कांड के बाद ये योजना शुरू करने के कुछ समय बाद ही प्रदेश में सत्ता बदल गयी. कांग्रेस सरकार आने के साथ ही भावांतर योजना बंद हो गई. हालांकि जब इस पर बीजेपी ने हंगामा किया तो कमलनाथ सरकार ने योजना को नये रूप में और उसकी कमियों को दूर करते हुए लागू करने का वादा किया था. लेकिन कुछ हो पाता उससे पहले ही उनकी सरकार गिर गयी. उपचुनाव हुए और फिर बीजेपी की सरकार लौट आयी. लेकिन अभी तक भावांतर योजना दोबारा शुरू नहीं हो सकी है.

कोई योजना बंद नहीं होती
मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के एमडी संदीप यादव ने बताया कि भावांतर वर्तमान समय में नहीं दिया जा रहा है. यह काम कृषि विभाग का है. वही सही जानकारी दे सकते हैं. कोई योजना कभी बंद नहीं होती है.बस उस पर अमल रुक गया है.

भावांतर की महत्वपूर्ण बातें...
-पोर्टल पर किसान को अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य था. उसके बैंक खाते में योजना की राशि जाती

-सरकार ने योजना में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द और तुअर को शामिल किया है. हाल ही में लहसुन को भी भावांतर योजना में शामिल कर लिया था.
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