MP के गांव कोरोना मुक्त! 90 फीसदी गांवों में Covid 19 के जीरो केस, मंत्री ने बताया ये फॉर्मूला

मध्य प्रदेश के 90 फीसदी गांवों में कोरोना के जीरो केस मिले हैं.

मध्य प्रदेश के शहरों के साथ गांव कोरोना की तरफ बढ़ रहे हैं. 90 फीसदी गांव में कोरोना के जीरो केस हैं. बचे हुए ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना का संक्रमण जल्द ही खत्म हो जाएगा. 

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भोपाल. प्रदेश के गांव में कोरोना के जीरो केस हो रहे हैं. प्रदेश की 22813 ग्राम पंचायतों में से 89 फ़ीसदी पंचायतें ग्रीन जोन में आई. यानी 20313 ग्राम पंचायतों में कोरोना के जीरो केस हैं. प्रदेश में 868 पंचायत रेड और 1632 पंचायत ऑरेंज जोन में हैं. स्कूल पंचायतों आंगनवाड़ी भवन में 25000 से ज्यादा क्वॉरेंटाइन सेंटर में 2.45 लाख बेड हैं. इनमें सिर्फ 25 हजार बेड का इस्तेमाल हो रहा है. भोपाल की 189 में से 122 पंचायतें कोरोना मुक्त हैं. यहां एक्टिव केस भी 200 के आसपास हैं. ग्राम पंचायतों में बनाए गए कोविड केयर सेंटर भी अब खाली पड़े हैं. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग हर दिन ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की मॉनिटरिंग कर रहा है.

सारंग ने बताया कोरोना मुक्त का फार्मूला
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शहरों के साथ  गांव को कोरोना मुक्त होने का फार्मूला बताया है. उन्होंने कहा कि 100% ग्राम पंचायत में कोरोना मुक्त हो इसके लिए काम कर रहे हैं. इसके लिए किल कोरोना अभियान चला रहे हैं. सीएम के निर्देश पर डोर टू डोर और होम आइसोलेशन पर हम काम कर रहे हैं. मैं स्वयं होम आइसोलेशन रह रहे लोगों से मिलने गया था. मेडिकल किट मिले और वह रिकवर हो, उनके मोहल्ले और परिवार के लोग संक्रमित ना हो, यह सुनिश्चित करना है, इसके लिए मैं आज साइकिल पर निकला था.

प्रशासकीय अमले और जिला क्राइसिस मैनेजमेंट के माध्यम से इस को कम करने का प्रयास कर रहे हैं. ऑक्सीजन का युक्ति युक्त करण किया जा रहा है. आज प्रदेश में ऑक्सीजन की कहीं भी कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री जी खुद इसकी समीक्षा कर रहे हैं. उद्योगों को ऑक्सीजन देने के लिए प्रावधान किया जाएगा. कोरोना के समय किसानों को राशि मिले इसके लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा.

जन जागरण अभियान जारी

विश्वास सारंग ने बताया कि कोरोना वैक्सीन लगने के बाद हाथ-पैर में दर्द होना एक रूटीन प्रक्रिया है. इसमें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. कोरोना वैक्सीन अभियान एक जन जागरण का पहलू है. अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी जो टीम जा रही है इसका प्रचार-प्रसार भी करें. हमारी कोशिश है कि लगातार पॉजिटिवटी कम हो भोपाल में रिकवरी रेट बढ़ा है. भोपाल में माइक्रो असेसमेंट पर काम कर रहे हैं. पहले एसडीएम स्तर पर  मॉनिटरिंग होती थी. 3 दिन से परिवर्तन कर अब वार्ड वाइज इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है.

हर पद्धति से हो रहा इलाज

विश्वास सारंग ने कहा कि हम सभी पद्धति से इलाज कराने के हिमायती रहे हैं. एलोपैथी होम्योपैथी आयुर्वेद का अपना महत्व है, सभी पद्धति अपने स्तर पर स्वास्थ्यवर्धक है. कोरोना से हुई मौत के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र पर अन्य कारण लिखे जाने पर उन्होंने कहा कि जिस कारण से व्यक्ति की मृत्यु हुई है. वह कारण लिखा जाएगा इसमें कोई गफ़लत नहीं होगी.
Published by:Sumit Pandey
First published: