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MP को मिलेंगे कोरोना वैक्सीन के 5 लाख डोज, सबसे पहले 5 दिन में 4 लाख हेल्थ वर्कर्स को लगेगा टीका 

देश में 13 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारी है.
देश में 13 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारी है.

2 जनवरी को भोपाल में और आज प्रदेश के बाकी 51 ज़िलों में कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) लगाने के लिए ड्राय रन (Dry run) किया गया.

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भोपाल.देश में कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे लगाने की तैयारी तेज हो गई है. शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 51 जिलों में कोरोना वैक्सीन का ड्राय रन (Dry run) किया गया.इससे पहले 2 जनवरी को राजधानी भोपाल में कोरोना का ड्राय रन हो चुका है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश को पहले चरण में कोरोना वैक्सीन की पांच लाख डोज मिलने जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी के मुताबिक पहले चरण की 5 लाख डोज सबसे पहले प्रदेश के चार लाख हेल्थ वर्कर्स को लगाई जाएंगी. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 5 लाख डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य अमले को 5 दिन का वक्त लगेगा. हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाने के बाद बाकी फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी. इसमें गृह और राजस्व विभाग के वह मैदानी कर्मचारी शामिल हैं जिन्होंने फ्रंट लाइन में रहकर कोरोना ड्यूटी निभाई थी या अभी ड्यूटी निभा रहे हैं.देश में दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद 13 जनवरी से देशभर में वैक्सीनेशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है. मध्यप्रदेश में  हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगने के बाद 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है.

भोपाल में हो चुका है ड्राय रन
इससे पहले कोरोना वेक्सिनेशन के लिये शनिवार 2 जनवरी को भोपाल के 3 वेक्सिनेशन केन्द्रों पर ड्राय रन हुआ था. उस दौरान 75 लोगों पर ड्राय रन किया गया था. भोपाल में 3 वेक्सिनेशन सेंटर गाँधीनगर स्वास्थ्य केन्द्र, गोविंदपुरा स्वास्थ्य केन्द्र और एल.एन. मेडिकल कॉलेज कोलार में ड्राय रन किया गया था. इन 3 वेक्सिनेशन सें केन्द्रों पर जिनका वेक्सीनेशन किया जाना था, उनका पहले से चयन कर लिया गया था. इसके साथ ही उन्हें वेक्सिनेशन की तारीख, वेक्सिनेशन केन्द्र और समय की जानकारी एसएमएस के ज़रिए दी गई थी. शुक्रवार को प्रदेश के बाकी 51 जिलों में हुए ड्राय रन में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई.
कैसे हुआ ड्राय रन


प्रोटोकॉल्स का पालन सुनिश्चित करते हुए सुबह 9 बजे से ड्राय रन शुरू किया गया. प्रत्येक वेक्सिनेशन केन्द्र पर 25 व्यक्तियों का वेक्सिनेशन ड्राय रन किया गया. केन्द्र पर पहुँचने के बाद उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में बैठाने, वेक्सिनेशन के लिये तैयार करने की व्यवस्था की गई थी. इसमें सोशल डिस्टेंस का पालन, हैंडवॉश और मास्क पहनने सहित अन्य प्रोटोकॉल्स का पालन किया गया. वेक्सिनेशन के लिये भेजने से पहले व्यक्ति का इन्फ्रारेड टेम्प्रेचर और पल्स ऑक्सीमीटर से परीक्षण किया गया.

इसके बाद वॉलेंटियर का वेरिफिकेशन कर वेटिंग रूम में रखा गया. उन्हें वेक्सिनेशन के संबंध में जरूरी संदेश भी दिये गये. वेक्सिनेशन रूम में एक-एक व्यक्ति को प्रवेश दिया गया.वहां हेल्थ वर्कर ने टीका लगाने की रिहर्सल की. उसके बाद सबको ऑब्जर्वेशन रूम में पूरे प्रोटोकॉल के साथ 30 मिनट तक रोका गया.यहां मेडिकल स्टाफ मेडिकल किट के साथ मौजूद था. आधा घंटा पूरा होने के बाद वेक्सीनेट किये गये व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ्य और घर जाने के लिये तैयार थे.
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