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अच्छी खबर : CM शिवराज की पहल के बाद महावीर की याद संजोये घर लौट आयी सुंदरी...

महावीर और सुंदरी को बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए ओडिशा भेजा गया था.

महावीर और सुंदरी को बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए ओडिशा भेजा गया था.

Bhopal. ओडिशा में कैदियों का जीवन बिताने वाली बाघिन सुंदरी अब खुले बाडे में घूम रही है. उम्मीद है कि वो जल्द ही अपने पुराने घर में घुल मिल जाएगी

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भोपाल. सुंदरी घर लौट आयी. वही सुंदरी बाघिन ( Tigress ) जिसे एमपी सरकार ने बाघ पुनर्वास योजना के तहत 3 साल पहले उसके साथी महावीर सहित ओडिशा (Odisha) सरकार को सौंपा था. लेकिन सुंदरी अकेली आयी है. उसके साथी महावीर की ओडिशा में मौत हो चुकी है. फिलहाल सुंदरी को कान्हा नेशनल पार्क में रखा गया है.

बाघ का जोड़ा सौंपा गया था. लंबे समय तक ओडिशा के सत्कोशिया टाइगर रिजर्व एरिया में बंधक बनाकर रखी गई बाघिन को एमपी सरकार की पहल के बाद वापस लाया गया है. एमपी के बांधवगढ़ नेशनल पार्क से बाघ  से महावीर और बाघिन सुंदरी को ओडिशा सरकार को सौंपा गया था. सत्कोशिया टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए यह पहल हुई थी. महावीर को वहां ज़हर देकर मार दिया गया था. उसके बाद बाघिन का स्वभाव बदल गया और उसने दो लोगों पर हमला कर दिया था. इसलिए उसे कैदी बनाकर रखा गया था.

सीएम ने की पहल
यह खबर जैसे ही बाहर आई एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र और ओडिशा सरकार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुंदरी की वापसी का अनुरोध किया. कोर्ट ने बाघिन को लौटाने का आदेश दिया. उसके बाद सुंदरी को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हुई और बुधवार रात वो लौट आयी. सुंदरी को कान्हा नेशनल पार्क में रखा गया है.



महावीर की मौत
सुंदरी की कहानी पर नजर डालें तो ओडिशा सरकार के अनुरोध पर एमपी सरकार ने साल 2018 में बाघ महावीर और बाघिन सुंदरी का जोड़ा उड़ीसा सरकार को सौंपा था. ओडिशा के सत्कोसिया टाइगर रिजर्व एरिया में बाघ बसाने की योजना के तहत ये जोड़ा सौंपा गया था. लेकिन सत्कोसिया टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों की देखरेख नहीं हो सकी और बाघ का महावीर की मौत हो गई.

सुंदरी की कहानी
बाघिन सुंदरी को कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की जॉन के घोरेला बाड़े में छोड़ा गया. वहां उसे ट्रेंड किया जाएगा. सुंदरी को बांधवगढ़ और महावीर बाघ को कान्हा नेशनल पार्क से 29 जून 2018 में सत्कोशिया टाइगर रिजर्व भेजा गया था. साल 2018 में ही महावीर को जहर देकर मार दिया गया था. इससे गुस्साई सुंदरी आक्रामक हो गयी थी और उसने दो लोगों का शिकार कर लिया था. इसे देखते हुए उसे एक बाड़े में कैद कर दिया गया था. सुंदरी की कैद से आहत सीएम शिवराज ने ओडिशा के मुख्यमंत्री को मार्मिक पत्र लिखा और उसे वापिस करने की मांग की. कोर्ट के आदेश पर सुंदरी की वापसी का रास्ता साफ हुआ.

पहले देखेंगे बदलाव
एमपी के वाइल्ड लाइफ ए पीसीसीएफ जे एस चौहान ने कहा फिलहाल बाघिन को कान्हा नेशनल पार्क के बड़े और खुले बाड़े में रखा गया है. वहां उसके बर्ताव का परीक्षण होगा.अगर बाघिन का स्वाभाव बदलता है तो फिर उसे खुले क्षेत्र में छोड़ा जाएगा.
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 तकलीफ के तीन साल
ओडिशा में कैदियों का जीवन बिताने वाली बाघिन सुंदरी अब खुले बाडे में घूम रही है. उम्मीद है कि वो जल्द ही अपने पुराने घर में घुल मिल जाएगी और फिर उसे खुले जंगलों में घूमने का मौका मिलेगा. जो दर्द उसने बीते 3 साल में झेला उस पर अब मरहम लग सकेगी.
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