नहीं थम रही रेमडेसिविर की कालाबाजारी, 20 हजार में एक इंजेक्शन बेच रहा था MR

मध्य प्रदेश की राजधानी में रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर अभी तक अंकुश नहीं लगा है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश की राजधानी में रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर अभी तक अंकुश नहीं लगा है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी नहीं थम रही. अब एक कंपनी का MR पुलिस के हत्थे चढ़ा है. 3500 रुपए की एक इंजेक्शन को 20 हजार में बेचना चाहता था. पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया है.

  • Last Updated: May 27, 2021, 10:47 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही. शाहपुरा थाना पुलिस ने अब दवा कंपनी के एक MR को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से 5 इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं. ये शख्स एक इंजेक्शन 15 से 20 हजार रुपए में बेचने की फिराक में था, जबकि एक इंजेक्शन की वास्तविक कीमत महज 3500 रुपए है.

एडिशनल एसपी (ASP) राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी इंजेक्शन लेकर कहां से आया था और किसे बेचने जा रहा था, इसे लेकर पूछताछ की जा रही है. शाहपुरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके के पुष्पांजलि अस्पताल के पास एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने की फिराक में खड़ा है. पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. मौके पर आरोपी से रेमडेसीविर इंजेक्शन के संबंध में दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उसके पास किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं मिला. पुलिस उसे थाने लेकर आई और उसके खिलाफ FIR दर्ज की.

पहले भी गिरफ्तार हो चुके कई आरोपी

ASP राजेश सिंह भदौरिया के मुताबिक आरोपी दवा कंपनी में MR है. उसने अपना नाम आलोक रंजन बताया है. आरोपी बिहार का रहने वाला है और अभी अयोध्या नगर में किराए के मकान में रह रहा है. गौरतलब है कि भोपाल में रेमडेसिविर की कालाबाजारी का यह पहला केस नहीं है. इससे पहले भी कई आरोपियों को इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है.
इन थानों की पुलिस कर चुकी कार्रवाई

कोलार थाना पुलिस, मिसरोद थाना पुलिस, गांधीनगर थाना पुलिस और कोहेफिजा थाना पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इसके अलावा बहुचर्चित हमीदिया अस्पताल में 800 से ज्यादा इंजेक्शन चोरी होने के मामले सामने आया था.  अभी हाल ही में JK अस्पताल में भी इंजेक्शन की कालाबाजारी का खुलासा हुआ है. इतनी सख्ती के बाद भी राजधानी में लगातार इंजेक्शन और जरूरी दवाओं की कालाबाजारी जा रही है.

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