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MP News: लक्ष्मण सिंह के बाद नकुल नाथ ने किया सीएम के 'स्वास्थ्य आग्रह' का समर्थन, कमल नाथ ने बताया था 'नौटंकी'

नकुल नाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद हैं.

नकुल नाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद हैं.

मध्‍य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के 'स्वास्थ्य आग्रह' को कांग्रेस का भी समर्थन मिलता जा रहा है. कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह के बाद पूर्व सीएम कमल नाथ के बेटे और सांसद नकुल नाथ ने इस अभियान का समर्थन किया है.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश में कोरोना जागरुकता को लेकर शुरू हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के 'स्वास्थ्य आग्रह' का पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के बेटे और कांग्रेस सांसद नकुल नाथ (Nakul Nath) ने भी समर्थन किया है. उन्‍होंने ट्वीट करके लिखा,' शिवराज सरकार द्वारा #MaskUpMP अभियान को मेरा भी समर्थन है. मैं स्वयं भी लोगों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूक कर रहा हूं.'

इसके साथ ही नकुल नाथ ने सरकार का ध्यान कोरोना से इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की भी बात कही है. उन्‍होंने लिखा है कि मेरा शिवराज सरकार से आग्रह है कि इस अभियान के साथ ही कोविड 19 के उपचार हेतु स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और बेहतर करने का कष्ट करें. आपको बता दें कि इससे पहले दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह भी शिवराज के अभियान का समर्थन कर चुके हैं. हालांकि खुद कमल नाथ और दिग्विजय सिंह ने सीएम के अभियान पर सवाल खड़े किए थे.

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लक्ष्मण सिंह ने क्या कहा था ?
इससे पहले लक्ष्मण सिंह ने न्यूज़ 18 के साथ खास बातचीत में अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के लिए अजीबोगरीब स्थिति पैदा करने वाली बात कह दी थी. सीएम शिवराज के स्वास्थ्य आग्रह को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि जनप्रतिनिधियों को जागरुकता के लिए काम करना चाहिए. इसमें पक्ष विपक्ष जैसी कोई बात नहीं है. जागरुकता बढ़ाने में कोई बुराई नहीं है. आपको बता दें कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी अध्यक्ष कमल नाथ ने स्वास्थ्य आग्रह पर सवाल उठाते हुए इसे नौटंकी करार दिया था.

क्या कहा था कमल नाथ ने ?
कमल नाथ ने स्वास्थ्य आग्रह पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया था कि जब भी प्रदेशवासियों को सरकार की जरूरत होती है, न्याय की आवश्यकता होती है, प्रदेश में विपरीत परिस्थितियां आती हैं, तो चुनौतियों का सामना करने की बजाय हमारे शिवराज मुद्दों से ध्यान मोड़ने के लिये उपवास-सत्याग्रह जैसे आयोजन करने लग जाते हैं. मंदसौर में पीपलिया मंडी में जब किसानों के सीने पर गोलियां दागी गई, किसानों की मौत हुई, तब किसान मुख्यमंत्री को अपने पास पुकारता रहा लेकिन हमारे शिवराज उनके पास जाने की बजाय भोपाल उपवास पर बैठ गये? आज जब प्रदेश के नागरिकों को संकट के इस दौर में सरकार व मुखिया की जरूरत है, आज लोगों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पा रहा है, गरीबों को मुफ़्त इलाज की दरकार है, अस्पतालों में डॉक्टर्स की कमी है, अस्पतालों में बेड नहीं हैं और कई जिलो में वैक्सीन खत्म है, टेस्टिंग नहीं हो पा रही है. यही नहीं, आवश्यक दवाइयों व इंजेक्शनो की कमी के अलावा इलाज के नाम पर कालाबाज़ारी व लूट-खसोट का खेल जारी है. कोरोना के आंकड़े भयावह होते जा रहे हैं, तब आवश्यक निर्णय लेने और जनता को न्याय दिलवाने व चुनौतियों का सामना करने की बजाय मुद्दों से ध्यान मोड़ने के लिये शिवराज कल 24 घंटे के लिये मिंटो हाल में स्वास्थ्य आग्रह पर बैठ रहे ? पता नहीं इस 24 घंटे के आग्रह की नौटंकी से प्रदेश से कोरोना कैसा भागेगा, लोगों को न्याय कैसे मिलेगा, इलाज कैसे मिलेगा, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं कैसे सुधरेगी और संक्रमण कैसे कम होगा. यह तो शिवराज ही बता सकते हैं?
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