कांग्रेस में अध्यक्ष पद मामले में नरोत्तम मिश्रा बोले- इस स्कूल में हेडमास्टर का बच्चा ही करता है टॉप
Bhopal News in Hindi

कांग्रेस में अध्यक्ष पद मामले में नरोत्तम मिश्रा बोले- इस स्कूल में हेडमास्टर का बच्चा ही करता है टॉप
कांग्रेस में अध्यक्ष पद की रस्साकशी को लेकर एमपी के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कसा तंज. (फोटोः एएनआई)

मध्य प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) के नेताओं में पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर अलग-अलग सुर. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने सोनिया गांधी के पक्ष में दिया बयान तो दिग्विजय सिंह (igvijay Singh) ने राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष बनाने की वकालत की.

  • Share this:
भोपाल. कांग्रेस पार्टी (Congress) में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच आज दिल्ली में पार्टी की वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हो रही है. सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) द्वारा अध्यक्ष का पद छोड़ने, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के इनकार और गैर-गांधी के इस पद पर आने की चर्चाओं के बीच देशभर की निगाह मामले पर जमी हुई है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी के पार्टी नेताओं पर बीजेपी से साठ-गांठ के आरोप लगाने के बाद अंदरूनी घमासान मचने की भी खबरें आई हैं. इस बीच मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कांग्रेस पार्टी को लेकर तंज कसा है. मिश्रा ने कहा है कि कांग्रेस एक ऐसा स्कूल है, जहां सिर्फ हेडमास्टर का बेटा ही टॉप करता है.

कांग्रेस पार्टी की मीटिंग शुरू होने के कुछ ही देर बाद मीडिया के साथ बातचीत के दौरान शिवराज सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह कटाक्ष किया. उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस में परिवारवाद को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने प्रियंका गांधी के बेटे और बेटी का नाम लेते हुए भी तंज कसा. नरोत्तम मिश्रा ने मामले पर कहा, 'कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष पद के कई योग्य उम्मीदवार हैं, जैसे राहुल गांधी, प्रियंका गांदी, रेहान वाड्रा और मिराया वाड्रा. कांग्रेस के सदस्यों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि कांग्रेस एक ऐसा स्कूल है, जहां सिर्फ हेडमास्टर का बेटा ही कक्षा में टॉप करता है.'






आपको बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश के कई नेताओं ने कांग्रेस में अध्यक्ष बनने को लेकर अपने-अपने विचार रखे. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भी जहां सोनिया गांधी को ही दोबारा अध्यक्ष बनाने के समर्थन में बयान दिया, वहीं पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी के हाथों में दोबारा कमान सौंपने की वकालत की. कमलनाथ ने अपने बयान में कहा कि वे गांधी परिवार के 5 नेताओं के साथ काम कर चुके हैं. अपने 40 साल के सियासी करियर का हवाला देते हुए उन्होंने सोनिया गांधी के ही हाथों में कमान रहने देने की इच्छा जताई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज