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NHP की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर कम खर्च कर रही है सरकार

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 22, 2019, 4:38 PM IST
NHP की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर कम खर्च कर रही है सरकार
इलाज के नाम महिलाओं पर कम खर्च कर रही सरकार.

नेशनल हेल्‍थ प्रोफाइल 2019 (National Health Profile 2019) की रिपोर्ट में एक अहम खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पुरुषों पर महिलाओं के मुकाबले ज्यादा खर्च किया जाता है.

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भोपाल. नेशनल हेल्‍थ प्रोफाइल 2019 (National Health Profile 2019) की रिपोर्ट में एक अहम खुलासा हुआ है. समाज में भले ही जेंडर इक्वलिटी (Gender Equality) का ढोल पीटा जा रहा हो, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है. अफसोस की बात तो ये है कि जेंडर इक्वलिटी का ये ढोल भी इलाज के नाम पर किया जा रहा है. इस बात का खुलासा नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2019 की रिपोर्ट में हुआ है. एनएचपी 2019 की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पुरुषों (Men) पर महिलाओं (women) के मुकाबले ज्यादा खर्च किया जाता है.

महिलाओं के मुकाबले पुरुषों पर होता है इतना खर्च
ग्रामीण क्षेत्र के आकड़ों के मुताबिक जहां पुरूष के एक बार भर्ती होने पर लगभग 25 हजार रुपए खर्च होते हैं तो महिला के एक बार अस्पताल में भर्ती होने पर महज 12 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं. ब्यौरे में चिकित्सकीय और गैर चिकित्सकीय दोनों तरह का खर्च शामिल है. जबकि शहरी क्षेत्र में पुरुषों पर 18 हजार और महिलाओं पर 15 हजार खर्च होता है. हालांकि इसमें गैर चिकित्सकीय खर्च दो हजार से कम है. इस सैंपल में निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को शामिल किया गया है.

मध्य प्रदेश में इलाज महंगा

इस रिपोर्ट से दो बातें सामने आई हैं. पहली मध्य प्रदेश में इलाज महंगा है और दूसरी ये कि पुरुषों और महिलाओं में बीमारियां लगभग समान होने के बाद भी महिलाओं के इलाज में खर्च कम किया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों की बात करें तो पुरुषों के इलाज में एमपी से ज्यादा सिर्फ तीन राज्यों में ज्यादा खर्च हो रहा है. इलाज पर लगभग गुजरात में 29 हजार, राजस्थान में 42 हजार और हिमाचल प्रदेश में 26 हजार में खर्च हो रहे हैं. वहीं महिलाओं के इलाज के मामले में 24 राज्यों में मध्य प्रदेश से ज्यादा खर्च किया जा रहा है. गोवा में महिला के एक बार भर्ती होने पर 54 हजार रुपए तक खर्च किए जा रहे हैं.

अन्य राज्यों के मुकाबले डॉक्टरों की कमी
इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मध्य प्रदेश में सवा 7 करोड़ की आबादी के इलाज के लिए महज 38,180 एलोपैथी चिकित्सक ही हैं. 2010 में एलोपैथी डॉक्टरों की संख्या 26,669 थी. महाराष्ट्र में 1 लाख 73 हजार, तमिलनाडु में 1 लाख 33 हजार, कर्नाटक में 1 लाख 20 हजार, आंध्र प्रदेश में 1 लाख, गुजरात में 66 हजार, बिहार में 40 हजार डॉक्टर हैं. साफ है कि सभी राज्यों की तुलना में एमपी में सबसे कम डॉक्टर हैं
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मामले पर सियासत
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं कई सालों से खराब हैं. पुरानी सरकार ने पूरी स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी कर दी हैं. सेवाओं को ट्रैक पर लाने के लिए सरकार राइट टू हेल्थ प्लान ला रही है. जबकि विपक्ष का कहना है की मौजूदा सरकार प्राइवेटाइजेशन पर ज्यादा ज़ोर दे रही है, जिसके कारण खर्च का ऐसा ब्‍यौरा सामने आया है.

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First published: November 22, 2019, 4:06 PM IST
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