शर्मनाक : बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में सबसे आगे, बच्चियां सबसे ज्यादा असुरक्षित
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शर्मनाक : बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में सबसे आगे, बच्चियां सबसे ज्यादा असुरक्षित
महाराष्ट्र पुलिस ने ये कार्रवाई की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

देश में बच्चियों के बलात्कार (Rape against Minors) के कुल मामलों में से एक तिहाई सिर्फ मध्य प्रदेश में हैं. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो/एनसीआरबी (National Crime Records Bureau) के जारी आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है.

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  • Last Updated: October 23, 2019, 8:32 PM IST
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भोपाल. देश में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) एक ऐसी लिस्ट में पहले पायदान पर मौजूद है, जिस पर कोई भी राज्य नहीं रहना चाहेगा. देश भर में सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले मध्य प्रदेश में सामने आए हैं. सबसे शर्मनाक आंकड़ा नाबालिग बच्चियों के बारे में है. देश में बच्चियों के बलात्कार (Rape against Minors) के कुल मामले में से एक तिहाई सिर्फ मध्य प्रदेश में हैं. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो/एनसीआरबी (National Crime Records Bureau) द्वारा जारी आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है.

NCRB के ये आंकड़े 2017 के हैं. इस साल अकेले मध्य प्रदेश में 5599 बलात्कार के मामले सामने आए. ये आंकड़ा 2016 के मुकाबले 14.6 फीसदी ज्यादा था. 2016 में मध्य प्रदेश में 4882 मामले दर्ज किए गए थे. 2015 में भी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) इस सूची में पहले नंबर पर था. तब 4391 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए थे.

आंकड़ों से साफ जाहिर है कि मध्य प्रदेश न सिर्फ नाबालिगों के लिए बल्कि उम्र दराज महिलाओं के लिए भी सुरक्षित राज्य नहीं है. जो केस दर्ज हुए उनमें सबसे ज्यादा यौन शोषण के मामले 6 से 18 साल की लड़कियों और 45 से 60 साल की महिलाओं के सामने आए हैं.



देश में बच्चियों के खिलाफ रेप के (Rape against Minors) मामले सबसे ज्यादा चिंता का विषय हैं. छह साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के मामले में मप्र सिर्फ यूपी से पीछे है. जबकि यह लड़कियों के बलात्कार के मामलों में सूची में सबसे ऊपर है. यहां पर 6 से 12 साल की लड़कियों से बलात्कार के 207 मामले दर्ज किए गए. वहीं 12 से 16 साल की लड़कियों से रेप के 1275 मामले और 16 से 18 साल की लड़कियों से बलात्कार के 1550 मामले दर्ज किए गए.
देश में नाबालिगों से बलात्कार के जितने मामले हैं, उनका ये 30 फीसदी है. 2016 के 24 फीसदी के मुकाबले ये 6 फीसदी ज्यादा हैं. 18 से 30 साल और 30 से 45 साल की महिलाओं से यौन शोषण के मामले में मप्र तीसरे नंबर पर है.

भोपाल में क्राइम अगेंस्ट विमेन सेल में तैनात एक पुलिस अफसर ने News18 से बातचीत में कहा, बलात्कार के मामले में किसी की गिरफ्तारी और उसके बाद कार्रवाई तभी होती है, जब केस हमारे सामने आता है. पिछले एक साल में हमने 2000 से ज्यादा रेप केस दर्ज किए हैं. इनमें से 31 को मौत की सजा सुनाई गई है. इनमें से 200 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है.

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