NEET में व्यापमं जैसा घोटाला, NEWS18 इंडिया की पड़ताल में कई नाम उजागर

मनोज शर्मा | News18India
Updated: August 12, 2017, 9:41 PM IST
NEET में व्यापमं जैसा घोटाला, NEWS18 इंडिया की पड़ताल में कई नाम उजागर
मध्य प्रदेश में व्यापम की ही तरह नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी की NEET में फ़र्ज़ीवाडे का आरोप लगाया जा रहा है
मनोज शर्मा | News18India
Updated: August 12, 2017, 9:41 PM IST
मध्य प्रदेश में व्यापमं की ही तरह नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET में फ़र्ज़ीवाड़े के आरोप लगाए जा रहे हैं. मेडिकल की पढ़ाई में दाखिले के लिए कई छात्रों के फर्ज़ी तरीके से दो-दो राज्यों के मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाए जाने का मामला सामने आया है.

CBSE NEET की परीक्षा हुई और कई राज्यों में स्टेट कोटे में एडमिशन के लिए काउंसलिंग चल रही है. लेकिन NEWS 18 इंडिया की पड़ताल में कई ऐसे छात्रों के नाम उजागर हुए हैं जो एक से ज्यादा राज्यों के मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाकर अलग अलग प्रदेशों में स्टेट कोटे का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

सरकारी नियम कहता है कि हिन्दुस्तान में रहने वाले हर शख्स का एक ही राज्य का मूल निवासी हो सकता है. लेकिन अलग अलग राज्यो की स्टेट कोटे की इस लिस्ट में कई छात्र ऐसे हैं जो खुद को एक से ज्यादा राज्यों का मूल निवासी बता रहे हैं. ज़ाहिर है एमबीबीएस में 85 फीसदी स्टेट कोटे में इनका दाखिला किसी का हक छीनेगा.

दरअसल MBBS में दाख़िले के लिए 15 फीसदी ऑल इंडिया कोटा है और 85 फीसदी स्टेट डोमिसाइल कोटा यानि कि 00 में से 85 सीटें राज्यों के मूल निवासी छात्रों के लिए होती है.

'विचार मध्य प्रदेश' नाम की संस्था इस नतीजों में हुई गड़बड़ी को सामने लाने की कोशिश कर रही है. संस्था इस मामले को सीबीआई और कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है. मामले के सामने आने पर सूबे के मंत्री कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं. कार्रवाई का आश्वासन तो दिया जा रहा है लेकिन उसमें देरी मेहनती छात्रों पर भारी पड़ सकती है.

मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले के दौरान भी गलत मूल निवासी प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी पाने का मामले सामने आये थे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई इसकी जांच कर रही है. नीट की निगरानी खुद सुप्रीम कोर्ट कर रही है और कोर्ट की नज़र में देरसवेर ये धांधली आ ही जायेगी लेकिन तब तक मुन्नाभाई एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर चुके होंगे.

छत्तीसगढ़ में भी फर्ज़ी डोमिसाईल लगाकर MBBS और BDS में दाखिले का खेल चल रहा है. नीट क्वालीफाई कर काउंसिलिंग में दूसरे राज्यो के 65 छात्रों ने फर्जी मूल निवासी प्रमाणपत्र लगाकर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी कोटे से एडमिशन का खुलासा हुआ है. दूसरे राज्यों की लिस्ट में भी है इन छात्रों के नाम हैं. राज्यपाल ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं.

इस तरह के फर्जीवाड़े के आरोप छात्रों के भविष्य के साथ तो खिलवाड़ है ही साथ ही देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं.
First published: August 12, 2017
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