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शिक्षा विभाग का फरमान- टीचर बताएं कितने छात्र लाएंगे 80% नंबर, शिक्षामंत्री आदेश से अनजान
Bhopal News in Hindi

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 10, 2020, 8:39 PM IST
शिक्षा विभाग का फरमान- टीचर बताएं कितने छात्र लाएंगे 80% नंबर, शिक्षामंत्री आदेश से अनजान
शिक्षा मंत्री को विभाग के इस नए फरमान की जानकारी नहीं है (Demo Pic)

शिक्षा विभाग प्रिंसिपलों और शिक्षकों से एक फॉर्म भरवा रहा है. इस फॉर्म में उनसे बोर्ड परिक्षाओं में छात्रों की भावी परफॉर्मेंस (Performance) के बारे में पूछा जा रहा है. खास बात ये है कि शिक्षा मंत्री को इसकी जानकारी नहीं है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में लंबे समय बाद 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न (Board Pattern) पर हो रही हैं. बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने प्रदेश भर के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षकों को नया फरमान जारी किया गया है. इस फरमान के तहत एक फॉर्म स्कूलों में भेजा जा रहा है. जिसमें शिक्षकों और प्रिसिंपलों से रिजल्ट से पहले छात्र-छात्राओं की परफॉर्मेंस को लेकर एक डाटा भरवाया जा रहा है, जिसमें प्रिसिंपल और शिक्षकों को बताना होगा कि कितने छात्र हैं जिनके नंबर 80 प्रतिशत से ज्यादा आएंगे तो वहीं कितने छात्र हैं, जिनके नंबर 80 प्रतिशत से कम आएंगे. अगर कम प्रतिशत आ रहा है तो इसकी वजह क्या है, साथ ही कम नंबर आने पर प्रिसिंपल और शिक्षकों को इसके 3 कारण भी बताने होंगे.

स्कूल शिक्षा विभाग के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों से इस तरह के फॉर्म भरवाए जा रहे हैं. प्रिसिंपल और शिक्षकों को बच्चों की परफॉर्मेंस का लेखाजोखा फॉर्म के जरिए 15 फरवरी तक जमा करना है.

स्कूल शिक्षा मंत्री को 'फरमान' की जानकारी नहीं
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का कहना है कि रिजल्ट सुधारना ही हमारा मकसद है. कमजोरियों को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है. कमजोर बच्चों के लिए स्कूलों में अलग से क्लासेस की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जो फॉर्म भरवाया जा रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अब ये बात सामने आने पर राज्य शिक्षा केंद्र से इस फॉर्म के बारे में जानकारी ली जा रही है.

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को टॉर्चर नहीं किया जा रहा है बल्कि रिजल्ट सुधारना हमारी जिम्मेदारी है. अब तक 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं सामान्य तरीके से ही होती थी. हमारी सरकार शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाएं करा रही है जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा.

News - शिक्षा विभाग प्रिसिंपल एवं शिक्षकों से ये फॉर्म भरवा रहा है.
शिक्षा विभाग प्रिसिंपल एवं शिक्षकों से ये फॉर्म भरवा रहा है.


विश्वास सारंग का आरोप- केवल जेब भरने की कवायदभाजपा विधायक विश्वास सारंग बोले स्कूल शिक्षा हो या उच्च शिक्षा सरकार का किसी भी तरफ ध्यान नहीं है. बीजेपी एमएलए सारंग का कहना है कि कांग्रेस की सरकार में हर वर्ग निराशा के माहौल में जी रहा है. अतिथि शिक्षक 2-3 महीनों से धरने पर बैठे हैं, उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, ऐसे माहौल में बच्चों की पढ़ाई वैसे ही ठीक से नहीं हो पा रही है. ऐसी कवायाद रिजल्ट खराब आने की आशंका के चलते ही की जा रही है. रिजल्ट खराब आएगा तो सरकार की साख खराब होगी इसीलिए शिक्षकों को टॉर्चर किया जा रहा है. चाहे स्कूल शिक्षा या उच्च शिक्षा हो किसी भी तरफ सरकार का ध्यान नहीं है. इस सरकार में केवल जेब भरने की कवायद चल रही है.

शिक्षकों को दी गई थी समझाइश
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने 10वीं-12वीं के रिजल्ट को सुधारने के लिए समीक्षा बैठक ली थी, जिसमें प्रदेश भर के शिक्षकों-प्रिसिंपलों से सख्त लहजे में कहा गया था कि बेहतर रिजल्ट लाना आप सभी की जिम्मेदारी है, जब आप सभी बेहतर करते हैं तो आपको पुरस्कृत किया जाता है लेकिन अगर रिजल्ट खराब आया तो आप सभी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

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First published: February 10, 2020, 7:55 PM IST
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