अमित शाह के एक फरमान से पांच सांसदों और सात विधायकों को मिली 'संजीवनी'
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अमित शाह के एक फरमान से पांच सांसदों और सात विधायकों को मिली 'संजीवनी'
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मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस फार्मूले का हवाला देकर बाबूलाल गौर और सरताज सिंह की मंत्री पद से छुट्टी की, वही फार्मूला 75 अब पार्टी के दूसरे बुजुर्ग सांसदों और विधायकों के लिए अगले चुनाव में टिकट की दावेदारी के लिए संजीवनी बन गया है.

दरअसल, अमित शाह ने अपने दौरे में साफ कर दिया है कि चुनाव लड़ने के लिए उन्होने कोई फार्मूला या फिर उम्र की कोई सीमा तय नहीं की. इसी के साथ ये साफ हो गया कि प्रदेश संगठन और सरकार ने अपने स्तर से इस फार्मूले का इजाद किया था,

दरअसल, इसी फार्मूले पर शिवराज कैबिनेट ने बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को मंत्री पद से हटा दिया गया था. इसके बाद से 75 साल की उम्र पार कर चुके पार्टी सांसदों, विधायकों को डर बैठ गया था कि चुनावी राजनीति में, उनके लिए कोई जगह नहीं है.

अगले वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक सात विधायक ऐसे है जो 70 साल से ज्यादा के उम्र के है. इसी तरह करीब इतने ही सांसद भी हैं जो 75 वर्ष की उम्र पार करने के करीब हैं. इन विधायकों के लिए अगला चुनाव लड़ने का रास्ता साफ


    1. जयंत मलैया 2018 के चुनाव में 71 साल पूरे होंगे. दमोह से उनका दावा मजबूत होगा.

    2. कुसुम महेदेले फार्मूला-75 की तलवार लटकी थी, राहत की सांस ली.

    3. रमाकांत तिवारी रीवा के त्यौंथर से विधायक, उम्र 76 साल, अगले चुनाव में फिर करेंगे दावेदारी

    4. रणजीत सिंह गुणगान आष्टा विधायक अगले चुनाव तक 73 साल के हो जाएंगे, अब सीट नहीं छोड़ना चाहेंगे.

    5. रुस्तम सिंह ये भी अगले वर्ष जुलाई में 73 वर्ष के होंगे, मुरैना से फिर करेंगे दावेदारी.

    6. बाबूलाल गौर 88 साल के गौर अगले वर्ष चुनाव लड़ने और फिर से मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग कर चुके है.

    7. 77 साल के सरताज सिंह भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की कोशिश में है. अगले विधानसभा, लोकसभा चुनाव में दावा मजबूत.



वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान का कहना है कि फार्मूला 75 सरकार और संगठन में पद के लिए है चुनाव लड़ने के लिए नहीं.

शाह के फार्मूला-75 पर दिए फरमान से पार्टी की कई बुजुर्ग सांसदों की भी बांछे खिल गई है। अब बुजुर्ग सांसद भी अगले चुनावों में टिकट की दावेदारी कर सकते हैं. इनमें नागेन्द्र सिंह नागौद, सुमित्रा महाजन, लक्ष्मीनारायण यादव , मेघराज जैन, सत्यनारायण जटिया शामिल हैं.



      1. नागेन्द्र सिंह नागौद खजुराहो सांसद आगामी लोकसभा चुनाव तक 77 साल के हो जाएंगे. पूर्व मंत्री रहे नागेन्द्र सिंह विधानसभा और लोकसभा चुनाव, दोनों के लिए दावा कर सकते हैं.

      2. सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष महाजन भी 74 साल की हो चुकी है, उम्र की वजह से उनका आखिरी कार्यकाल माना जा रहा है. फिर भी सुमित्रा ताई को एक और मौका मिल सकता है.

      3. सागर से सांसद लक्ष्मीनारायण यादव भी 73 साल पार कर चुके हैं. पार्टी इन्हे फिर टिकट दे सकती है.

      4. राज्यसभा सांसद मेघराज जैन 74 साल के हो चुके हैं. जैन का कार्यकाल अप्रैल 2018 को खत्म होगा, दोबारा राज्यसभा जाने की कोशिश कर सकते हैं.

      5. सत्यनारायण जटिया पूर्व केन्द्रीय मंत्री जटिया दलित वर्ग से आते हैं, 71 साल के जटिया का राज्यसभा का कार्यकाल 2020 तक है. जटिया भी राज्यसभा के लिए दरवाजा खटखटा सकते हैं.




फिलहाल,शाह के दौरे के बाद बीजेपी मिशन- 2018 के मोड पर है. ऐसे में 'अब की बार 200 पार' का नारा देने वाली बीजेपी के लिए पार्टी के उन बुजुर्ग नेताओं से पार पाने की चुनौती होगी, जो टिकट हासिल करने में माहिर हैं.
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