भोपाल: जून में corona केस बढ़ने की आशंका, स्वास्थ्य विभाग ने बनाई ये रणनीति...
Bhopal News in Hindi

भोपाल: जून में corona केस बढ़ने की आशंका, स्वास्थ्य विभाग ने बनाई ये रणनीति...
MP में जून में corona केस बढ़ने की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग ने बनाई रणनीति (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में कोरोना के मरीजों (Corona Patients) की संख्या बढने के अनुमान को लेकर स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर पर जमीनी तैयारियों में जुटा हुआ है. कोरोना कंट्रोल और संक्रमित मरीजों के उपचार की हकीकत जानने के लिए 3 जून तक विभागीय अधिकारी अपने प्रभार वाले जिले में जा रहे हैं.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
भोपाल. मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को आशंका है कि जून महीने में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामलों में बढ़ोतरी होगी. इसके लिए सभी जिलों को अपने स्तर से तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं. 1 से 3 जून तक  प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना कंट्रोल और ट्रीटमेंट की हकीकत का जायजा हेल्थ ऑफिसर्स लेंगे. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने हर जिले में एक ऑफिसर इंचार्ज नियुक्त किया है. ये ऑफिसर्स 15 बिन्दुओं पर पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौपेंगे.

विभाग ने हर जिले में नियुक्त किया हेल्थ ऑफिसर इंचार्ज
प्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने के अनुमान को लेकर स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर पर जमीनी तैयारियों में जुटा हुआ है. कोरोना कंट्रोल और संक्रमित मरीजों के उपचार की हकीकत जानने के लिए 3 जून तक विभागीय अधिकारी अपने प्रभार वाले जिले में जा रहे हैं. जिले भर में स्वास्थ्य विभाग के साथ ब्लॉक लेवल तक की स्थिति को देखकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इसमें क्वारंटाइन सेंटर, आइसोलेशन सेंटर, कंटेनमेंट जोन के साथ ही कोविड के लिए चिन्हित सभी कैटेगरी के अस्पतालों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई ने सभी जिलों के कलेक्टर्स को पत्र लिखकर आज से जिलों में निरीक्षण करने पंहुच रहे प्रभारी अधिकारियों को जरूरी सहयोग करने के आदेश दिए हैं.

हर व्यवस्था पर होगी नजर



1 जून से 3 जून तक ये अधिकारी 15 बिन्दुओं के आधार पर जमीनी तैयारियों का जायजा लेंगे. दो दिनों तक जिलों में रहकर कोविड के लिए चिन्हित अस्पतालों में व्यवस्थाओं को देखेंगे. इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में स्क्रीनिंग, सर्विलांस और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के बारे में जानकारी हासिल करेंगे. जिलावार बनाए गए इक्विपमेंट प्लान के अनुसार उपकरणों की खरीदी का गैप एनालिसिस करेंगे. जिलों में कोरोना सैंपल की जांच के लिए शुरू की जा रही ट्रू नाट मशीन की स्थिति के लिए लिए चेकलिस्ट के अनुसार जांच करेंगे. कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने को देखते हुए जिलों में आईसीयू ऑक्सीजन बेड, आइसोलेशन और बेड के साथ वेंटिलेटर की उपलब्धता को देखेंगे. इसके अलावा डिस्चार्ज पॉलिसी, टेलीमेडिसिन सेल, अस्पतालों में डिसइन्फेक्शन प्रोटोकॉल को देखेंगे. ये हेल्थ आफिसर्स प्रदेश में ना केवल कोरोना की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे बल्कि नॉन कोविड जरूरी सेवाओं पर भी अपनी नजर रखेंगे. स्वास्थ्य विभाग का पहला फोकस है की मरीज की बीमारी कुछ भी हो लेकिन उपचार उसे प्राथमिकता से दिया जाए. कहीं भी कोई लापरवाही ना बरती जाए.



ये भी पढ़ें:- Unlock 1.0 पर सियासत: कमलनाथ बोले- बिजली उपभोक्ताओं के पूरे बिल किये जाएं माफ
First published: June 1, 2020, 6:12 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading