ट्रैफिक सिस्‍टम को सुधारने की कवायद जारी, MP के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया बड़ा ऐलान

मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने की समीक्षा बैठक.
मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने की समीक्षा बैठक.

मध्य प्रदेश में यातायात व्यवस्था (Traffic System) को दुरुस्त करने के लिए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra)के मुताबिक, भोपाल में नया यातायात संचालनालय और दतिया में नया ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में जल्द ही यातायात व्यवस्था (Traffic System) को दुरुस्त करने के लिए यातायात संचालनालय बनाया जाएगा. इसके साथ ही ड्राइवर ट्रेनिंग के लिए नया इंस्टीट्यूट भी बनेगा. जबकि मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) ने मंगलवार को पुलिस ट्रेनिंग एवं प्रशिक्षण संस्थान में गृह विभाग की एक समीक्षा बैठक ली. इस दौरान डीजीपी विवेक जौहरी गृह विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा और एडीजी दिनेश चंद्र सागर मौजूद रहे. इस बैठक में यह तय किया गया है कि राजधानी भोपाल में एक नया यातायात संचालनालय अलग से बनाया जाएगा, जो कि पूरी तरीके से ट्रैफिक व्यवस्था और इसके तहत होने वाले प्रशिक्षण के लिए काम करेगा. हालांकि यातायात संचालनालय का स्वरूप कैसा होगा इसके लिए अभी एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और 1 हफ्ते के भीतर यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा. उसके बाद इस पर काम शुरू होगा. जबकि सरकार ने यह भी फैसला किया है कि ड्राइवर ट्रेनिंग के लिए एक नया इंस्टीट्यूट दतिया में बनाया जाएगा. आपको बता दें कि अभी केवल ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भोपाल में ही मौजूद है.

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर जोर
समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार की कोशिश सड़क पर होने वाले हादसों को कम करने की है इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता जरूरी है. यही वजह है कि सरकार ने एक फैसला यह भी किया है कि जो सामाजिक संस्थाएं ट्रैफिक जागरूकता के लिए काम कर रही हैं उन्हें पुरस्कृत करने का फैसला किया गया है. सरकार इनके लिए दो लाख से लेकर पांच तक के पुरस्कार का प्रावधान कर सकती है.

क्या है ट्रैफिक की स्थिति?
हाल ही में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आए सड़क हादसों के आंकड़े के मुताबिक, एमपी में रोड एक्सीडेंट में हर साल मौत का प्रतिशत बढ़ रहा है. रोड एक्सीडेंट में मौत का ग्राफ 2015 में 8.69%, 2016 में 3.65%, 2017 में 5.5%, 2018 में 5.2%, 2019 में 5.1% बढ़ा है. 2014 में मौत का आंकड़ा 8569 से बढ़कर 2019 में 11249 यानी 23.82% हुआ. जनवरी से जून 2020 तक लॉकडाउन की वजह से मौत के ग्राफ 2019 की तुलना में 24.4% की कमी आई है. सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क हादसों में हो रही मौत के पीछे कारण तेज गति से वाहन चलाना आया है.
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