सुर्खियां: EVM, स्ट्रांग रूम और कैबिनेट बैठक, चुनाव परिणाम से पहले सियासी उठापटक जारी

Madhya Pradesh Election: ईवीएम विवाद में कांग्रेस के बड़े नेताओं का भी स्ट्रांग रूम तक पहुंचना शुरू हो गया था. उधर शिवराज सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक बुलाए जाने से सियासत और गरमा गई है

News18 Madhya Pradesh
Updated: December 3, 2018, 11:26 AM IST
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Updated: December 3, 2018, 11:26 AM IST
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद EVM पर मचा बवाल रुकने का ही नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस ने सबसे पहले मामले में बीजेपी पर निशाना बनाना शुरू किया. उसके बाद कांग्रेस नेता सिंधिया की अपील पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन तेज किया. भोपाल सहित कई जिलों में स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डेरा डाल दिया. हालांकि इसके विरोध में बीजेपी नेताओं ने भी वहीं डेरा डाल दिया. इसके बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं का भी स्ट्रांग रूम तक पहुंचना शुरू हो गया था. उधर शिवराज सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक बुलाए जाने से सियासत और गरमा गई है.

'कांग्रेसियों ने सीईओ को घेरा, मांगा सीसीटीवी फुटेज'
भोपाल से दैनिक भास्कर ने 'ईवीएम पर बवाल' नाम से खबर प्रकाशित की है जिसमें इस मुद्दे पर प्रकाश डाला है. उसमें लिखा गया है, 'कांग्रेसियों ने सीईओ को घेरा, मांगे सीसीटीवी फुटेज, आयोग का इनकार'. आगे जिक्र है कि ईवीएम को लेकर मचा सियासी बवाल रविवार को भी जारी रहा. भोपाल में कांग्रेसियों ने पुरानी जेल स्थित स्ट्रांग रूम का जायजा लेने पहुंचे निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव का घेराव कर 29 नवंबर के डेढ़ घंटे के फुटेज मांगे. इस पर कांताराव ने कहा कि उस समय बिजली नहीं थी इसलिए फुटेज उपलब्ध नहीं है.

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'परिणाम से पहले बीजेपी में सिर फुटव्वल'
नवदुनिया ने इंदौर की महू सीट से बीजेपी प्रत्याशी उषा ठाकुर के समर्थन में उतरी शिवराज सरकार में मंत्री कुसुम महदेले की खबर को प्रमुखता दी है. मंत्री ने कहा आपके साथ अन्याय हुआ है. 'परिणाम से पहले बीजेपी में सिर फुटव्वल' शीर्षक से लिखी इस खबे में जिक्र है कि बीजेपी नेता आपस में विरोधाभासी बातें कर रहे हैं. इसके अलावा अखबार ने रीवा की कलेक्टर प्रीती मैथिल के उस फरमान का जिक्र भी किया है जिसमें वे गोली मारने की बात कर रही हैं.

चुनाव परिणाम से पहले कैबिनेट बैठक पर बवाल
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वहीं दैनिक जागरण ने शिवराज द्वारा बुलाई गई कैबिनेट बैठक की खबर को प्रमुखता देते हुए इस पर प्रकाश डाला है. अखबार ने लिखा है कि चुनाव परिणाम के पांच दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज द्वारा कैबिनेट की बैठक बुलाए जाने पर सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस ने जहां इस पर आपत्ति जताते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए चुनाव आयोग से बैठक पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है. तो वहीं बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस को नियमों की जानकारी नहीं है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने भी ईवीएम पर मचे बवाल को ही भोपाल में प्रमुखता दी है. अखबार ने भोपाल, रायसेन और शहडोल जिलों में चुनाव के दौरान बदली गई EVM मशीनों का भी जिक्र किया है.

गैस त्रासदी: 50 साल से जमीन में रिसकर फैल रहा जहर
इसके अलावा भोपाल गैस त्रासदी की 34 वीं बरसी पर अखबारों ने अपनी अपनी स्पेशल कहानियां भी दी हैं. नईदुनिया की एक खबर ध्यान खींचती है जिसमें लिखा है कि 50 साल से जमीन में रिसकर जहर फैल रहा है. इसमें बताया गया है यूनियन कार्बाइड कारखाने से निकलने वाले जहरीले कचरे को जमीन के अंदर दबाने की प्रक्रिया 1969 से चल रही है. यह कचरा कारखाने के गोडाउन में बाहर पड़े कचरे से ज्यादा खतरनाक है.

यह पढ़ें- EVM को लेकर बवाल जारी, कांग्रेस के बाद अब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जमाया डेरा
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