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NGT ने मध्य प्रदेश में रेत के खनन पर लगाई रोक, ये है पूरा मामला

एनजीटी ने प्रदेश में रेत के खनन पर लगाई रोक

एनजीटी ने प्रदेश में रेत के खनन पर लगाई रोक

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रदेश में रेत के खनन पर रोक लगा दी है. एनजीटी (NGT) ने ठेका कंपनियों पर ये रोक नए एनवायरमेंट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण लगाई है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकार के नए ऑक्शन (Auction) के तहत रेत (Sand) के ठेके लेने वाली कंपनियों को बड़ा झटका लगा है. अब प्रदेश में ये कंपनियां रेत का खनन नहीं कर सकेंगी. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोनल बेंच भोपाल ने 'नये एनवायरमेंट क्लीयरेंस' नहीं मिलने की वजह से इन कंपनियों के रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. कंपनियों पर ये रोक तब तक रहेगी जब तक उन्हें ये क्लीयरेंस नहीं मिल जाता.

'पंचायतों को मिला क्लियरेंस अपने नाम किया'
एनजीटी के सीनियर वकील सचिन वर्मा ने न्यूज 18 को बताया कि मध्य प्रदेश में नई रेत नीति के तहत ऑक्शन किए गए थे. इनमें कई बड़ी कंपनियों ने रेत के ठेके लिए. उन्होंने बताया कि नियमों के तहत इन सभी कंपनियों को रेत के खनन से पहले नया एनवायरमेंट क्लीयरेंस लेना चाहिए था, लेकिन इन कंपनियों ने ऐसा नहीं किया और नई रेत नीति के तहत पंचायतों को मिली एनवायरमेंट क्लीयरेंस को अपने नामों पर ट्रांसफर कर लिया, जबकि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है. वर्मा ने बताया कि इसी को लेकर ग्रीन एंड ग्रीन लॉयर्स की तरफ से एनजीटी में पिटीशन दायर की गई थी. इसी पिटिशन पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने प्रदेशभर में रेत के खनन पर रोक लगा दी है.

पर्यावरण को होगा नुकसान
सरकार के नए ऑक्शन के बाद जिन कंपनियों को रेत खनन का ठेका मिला था, अब वह रेत का खनन नहीं कर सकेंगे. सचिन वर्मा का आरोप है कि पुरानी एनवायरमेंट क्लीयरेंस के तहत रेत का खनन करने से पर्यावरण को नुकसान होगा. उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि पुरानी एनवायरमेंट क्लीयरेंस के तहत जिस क्षमता में रेत का खनन हो रहा था, अब उसकी क्षमता में यह संभव नहीं है. जब नई एनवायरमेंट क्लीयरेंस ली जाएगी, तो संबंधित एजेंसी इन सभी बातों का ध्यान रहेगी, ताकि पर्यावरण को किसी भी तरह से नुकसान न हो पाए. वर्मा ने ये भी बताया कि पर्यावरण को कोई नुकसान न हो इसके मद्देनजर एनजीटी ने यह रोक लगाई है. जब तक रेत ठेका कंपनी नया ईसी लेकर नहीं आएगी, तब तक रेत के खनन पर रोक लगी रहेगी.

कांग्रेस बीजेपी आमने सामने
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रजनीश अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने षडयंत्र के तहत नई नीति को लागू किया है. इस नीति से अवैध उत्खनन को बढ़ावा मिला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायकों, मंत्रियों और नेताओं में अवैध खनन के हिस्से को लेकर लड़ाई भी हो रही है, इसलिए सरकार को इस पर रोक लगाना चाहिए. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि एनजीटी के समक्ष रेत कंपनियां अपना पक्ष रखेंगी. यदि सरकार की तरफ से जवाब मांगा जाएगा, तो उसको भी पेश किया जाएगा. सरकार की नीति साफ है और इसी सिद्धांत पर काम भी किया जा रहा है. बीजेपी का काम सिर्फ आरोप लगाना रह गया है.

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