46 शहरों में ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एनजीटी ने उठाया ये कदम

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानि एनजीटी ने ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए प्लान तैयार करेगा. यह प्लान देश के 46 शहरों के लिए तैयार करवाया जा रहा है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 12, 2019, 3:03 PM IST
46 शहरों में ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एनजीटी ने उठाया ये कदम
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानि एनजीटी ने ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए प्लान तैयार करेगा.
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Updated: August 12, 2019, 3:03 PM IST
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) ने ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए प्लान तैयार करेगा. इसके मद्देनजर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सभी प्रदेशों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी को एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है. यह प्लान मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के अलावा देश के 46 शहरों के लिए तैयार किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के अलावे यूपी और महाराष्ट्र के इन शहरों में भी होगी मैपिंग

National green tribunal
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी ने सभी प्रदेशों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी को एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है.


इस सूची में महाराष्ट्र के ठाणे, मुंबई, नवी मुंबई, पिंपरी-चिंचवाड़, कल्याण, डोंबिवली, औरंगाबाद और नागपुर को शामिल किया गया है. वहीं उत्तर प्रदेश के आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी को भी शामिल किया गया है. इस दिशा में बनी योजना को 31 नवंबर तक सभी शहरों में अमल में भी लाया जाएगा.

सूची में शामिल शहरों को बताने होंगे सर्वाधित प्रदूषित इलाके

सीपीसीबी ने सभी प्रदेशों को अपने शहरों की प्लानिंग में वायु प्रदूषण की मात्रा क्षेत्रवार तरीके से शामिल करने को कहा है. इस इलाके में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति भी बतानी पड़ेगी. इस सूची में शामिल शहरों को अपने सर्वाधिक वायु प्रदूषित इलाकों को चिन्हित करके उसकी मैपिंग करनी होगी.

इन शोधों के आधार पर उठाया जा रहा है ये कदम
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दरअसल, वायु प्रदूषण में ध्वनि प्रदूषण को प्रमुख तत्व माना जा है. इसका जिक्र प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पोल्यूशन एक्ट-1981 में भी किया गया है. यही वजह है कि एनजीटी ने देश के प्रदूषित शहरों में आबोहवा को ठीक करने के यह कदम उठाया है. गौरतलब है कि ये दिशा निर्देश नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी, सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट व नेशनल एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से मिले सुझावों के आधार पर तैयार किए गए हैं.

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First published: August 12, 2019, 2:22 PM IST
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