10 लाख करोड़ की GDP के लक्ष्य को हासिल करेगा प्रदेश, शिवराज ने कहा- रोडमेप तैयार

सीएम ने कहा - हर हाल में पूरा करेंग जीडीपी का लक्ष्य. (File)

सीएम ने कहा - हर हाल में पूरा करेंग जीडीपी का लक्ष्य. (File)

  • Last Updated: February 21, 2021, 3:36 PM IST
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भोपाल. पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की संचालन परिषद की छठवीं बैठक में सीएम शिवराज भी शामिल हुए. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश इस साल 10 लाख करोड़ की GDP के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित है. नीति आयोग के छह सूत्री एजेंडा को समय-सीमा में प्रदेश में व्यवहारिक रूप दिया जाएगा. प्रदेश में 30 लाख हेक्टेयर में फैले बिगड़े वन क्षेत्र में निजी सहयोग से वन विकसित करने और सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए पहल की जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपयोगी सार्वजनिक संपत्तियों का तार्किक और वैज्ञानिक तरीके से मॉनिटाइजेशन करके इससे हासिल राशि का उपयोग विकास कार्यों में करना समय की आवश्यकता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि कोरोना के समय केंद्र और राज्यों ने मिलकर कार्य किया, जिससे विश्व में भारत की अच्छी छवि बनी है. सभी मिलकर कार्य करते हैं, तो अच्छे परिणाम आते हैं. कृषि प्रधान देश होने के बाद भी खाद्य तेल बाहर से आता है, प्रयास हों कि इसका उत्पादन देश में ही हो. अन्य कृषि उत्पाद भी यहीं खप जाएं, इसके लिए राज्य पहल करें. इस संदर्भ में उपलब्ध संभावनाओं को साकार करें. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ईज ऑफ डूईंग के साथ ईज ऑफ लिविंग को प्राथमिकता दें. अनावश्यक कानून समाप्त हों, नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने पर बल दें.

आपदा को अवसर में बदला

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि कोरोना के कठिन काल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया. कई विकसित और समृद्ध देश उस सक्षमता और कुशलता से कोरोना का सामना नहीं कर पाये, जितना भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किया. अपने देश के साथ-साथ दुनिया के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है. आपदा को अवसर में बदलने की प्रेरणा से नई ऊर्जा मिली है.
आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए बनाया रोडमेप

बैठक के दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए आत्म-निर्भरता के मंत्र के परिपालन में हमने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में तत्काल कार्य आरंभ किया. नीति आयोग के सहयोग से वेबिनार्स आयोजित कर रोडमैप तैयार किया. इसके चार आधार स्तंभ भौतिक अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य, सुशासन, रोजगार और अर्थ-व्यवस्था निर्धारित किए गए. इन क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में प्राप्त किए जाएंगे. नीति आयोग द्वारा राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर उनकी परस्थितियों और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छह सूत्री एजेंडे का निर्धारण स्वागत योग्य है. मध्यप्रदेश में छह सूत्री एजेंडा को समय-सीमा में पूर्ण किया जाएगा.

ग्लोबल मेन्युफेक्चरिंग हब



मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को ग्लोबल मेन्युफेक्चरिंग हब बनाने के लिए मध्यप्रदेश में 'स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज' व्यवस्था आरंभ की गई है. इज ऑफ डूईंग बिजनेस की अवधारणा को धरातल पर उतारने का काम हमें करना है. स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देकर कौशल विकसित करना आवश्यक है. इसके लिए प्रदेश में ग्लोबल स्किल पार्क विकसित किया जा रहा है.

खाद्य तेल में आत्म-निर्भरता के लिए प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य तेल में आत्म-निर्भरता की आवश्यकता बताई है. उन्होंने प्रदेश की और से आश्वस्त किया कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश में दालों का उत्पादन हुआ, उसी प्रकार खाद्य तेल में आत्म-निर्भरता के लिए भी भरपूर प्रयास किये जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और जीरो बजट की खेती भी देश के लिए जरूरी है. प्रदेश में इस दिशा में हो रहे कार्यों और स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि इसे आंदोलन का रूप देना आवश्यक है.
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