जानिए कौन हैं नकुलनाथ जो छिंदवाड़ा में पिता की विरासत संभालने के लिए हैं तैयार
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जानिए कौन हैं नकुलनाथ जो छिंदवाड़ा में पिता की विरासत संभालने के लिए हैं तैयार
फाइल फोटो Kamalnath & Nakulnath

छिंदवाड़ा वो इलाका है जिस लोकसभा सीट से कमलनाथ 9 बार चुनाव जीते हैं. वो अब तक सिर्फ एक बार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुंदरलाल पटवा से हारे थे

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मध्य प्रदेश के लिए आज जारी हुई कांग्रेस की दूसरी सूची में एक नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में है. वो नाम है सीएम कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ का. पार्टी ने उन्हें कमलनाथ की परंपरागत सीट और कहें तो उनके गढ़ छिंदवाड़ा से लोकसभा का टिकट दे दिया है. नकुलनाथ अपने पिता की विरासत संभालने पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहे हैं. वंशवाद और परिवारवाद के आरोपों से घिरी कांग्रेस में नकुलनाथ अपनी राजनीतिक पारी शुरू करेंगे.

लोकसभा चुनाव में नकुल नाथ भले ही नये हों लेकिन कमलनाथ का बेटा होने का लाभ उनके फेवर में है. वो पारिवारिक तौर पर शुरू से छिंदवाड़ा से जुड़े रहे हैं. वो पूरे इलाके औऱ जनता को जानते-पहचानते हैं. कांग्रेस संगठन से भी वो जुड़े रहे हैं. वो अपने पिता के लिए सक्रिय रहे हैं और कार्यकर्ताओं की बात को पूरे ध्यान से सुनते हैं. कार्यकर्ताओं और नेताओं की शिकायत मिलने पर पीए का ध्यान दिलाते हैं और फौरन उस पर ध्यान देने के लिए कहते हैं. नकुल नाथ सार्वजनिक जीवन में बेहद सादगी से पेश आते हैं और जनता के बीच बिना किसी डेकोरम के सहज रूप में जाते हैं.

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हालांकि कुछ बातें नकुल नाथ के खिलाफ भी जाती हैं. हिंदी पर उनकी पकड़ नहीं है, इसलिए भाषण ज़्यादा नहीं दे पाते. पैदल चलने से परहेज़ करते हैं. कांग्रेस के कुछ विवादित चेहरों पर भरोसा करते हैं.
छिंदवाड़ा में कमलनाथ की विरासत ऐसी है जिसे संभालना नकुलनाथ के लिए बड़ी ज़िम्मेदारी होगी. 2014 की मोदी लहर में भी कमलनाथ 1.16 लाख मतों से जीते थे. इस इलाके के अगर जातिगत समीकरण पर नजर डालें तो यहां सामान्य वर्ग के 37.8%, पिछड़ा वर्ग के 19.6%, एससीएसटी- 38.2%, अल्प संख्यक - 4.3% और अन्य 0.3% हैं.

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छिंदवाड़ा वो इलाका है जिस लोकसभा सीट से कमलनाथ 9 बार चुनाव जीते हैं. वो अब तक सिर्फ एक बार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुंदरलाल पटवा से हारे थे. कमलनाथ के क्षेत्र में एक नारा काफी चर्चित रहा है- 'कमलनाथ एक आंधी है, छिंदवाड़ा का गांधी है'. वो छिंदवाड़ा के रोल मॉडल के रूप में पहचाने जाते हैं. छिंदवाड़ा में उन्होंने ऐसा विकास किया कि वहां के विकास मॉडल का विरोधी भी उदाहऱण देते हैं.
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