• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • मध्य प्रदेश में 27 फीसदी OBC आरक्षण देने के कानून पर रोक नहीं: महाधिवक्ता पुरुषेन्द कौरव

मध्य प्रदेश में 27 फीसदी OBC आरक्षण देने के कानून पर रोक नहीं: महाधिवक्ता पुरुषेन्द कौरव

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि 1 सितंबर को कोर्ट में होने वाली आरक्षण संबंधी सुनवाई पर सरकार पूरे दम के साथ रखेगी. (फाइल फोटो)

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि 1 सितंबर को कोर्ट में होने वाली आरक्षण संबंधी सुनवाई पर सरकार पूरे दम के साथ रखेगी. (फाइल फोटो)

मंत्री भूपेंद्र सिंह (Minister Bhupendra Singh) ने कहा है कि राज्य सरकार को महाधिवक्ता का पत्र मिला है. उनके अभिमत का परीक्षण सरकार करा रही है और उसके बाद मुख्यमंत्री आगे का फैसला करेंगे.

  • Share this:

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में  27 फीसदी ओबीसी आरक्षण (27% OBC Reservation) देने के कानून पर रोक नहीं है. यह जानकारी प्रदेश के महाधिवक्ता ने राज्य सरकार को दी है. महाधिवक्ता पुरुषेन्द कौरव (Purushend Kaurav) ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य सरकार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग को बढ़े हुए आरक्षण का लाभ दे सकती है. हाईकोर्ट में अधिवक्ता की ओर से भी सामान्य प्रशासन विभाग में राय ले ली है. महाधिवक्ता ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि जिन छह याचिकाओं पर कोर्ट ने 27 फीसदी आरक्षण देने पर रोक लगाई है उन्हें छोड़कर बाकी सभी तरह की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है. राज्य सरकार ओबीसी को 27 फ़ीसदी आरक्षण देने को लेकर फैसला कर सकती है.

प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार को महाधिवक्ता का पत्र मिला है. उनके अभिमत का परीक्षण सरकार करा रही है और उसके बाद मुख्यमंत्री आगे का फैसला करेंगे. यदि ठीक रहा तो बाकी फैसलों पर 27 फ़ीसदी आरक्षण दिया जाएगा. मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि 1 सितंबर को कोर्ट में होने वाली आरक्षण संबंधी सुनवाई पर सरकार पूरे दम के साथ रखेगी.

भर्ती में 14 फीसदी ही ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा
दरअसल, 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने पिछड़ा वर्ग को आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फिसदी किया था. इस मामले में पहले मार्च 2019 में अध्यादेश लाकर सरकार ने बढ़ा हुआ आरक्षण लागू किया जिसे हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया था. इसके बाद इस मामले को तत्कालीन सरकार द्वारा कैबिनेट से अनुमोदन के बाद जुलाई 2019 में विधानसभा में पारित कराया गया और प्रदेश में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 27 फीसदी आरक्षण लागू किया गया. इस कानून के लागू होने के बाद जैसे ही सरकारी भर्तियां शुरू हुई उनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुई. कोर्ट ने बड़े हुए आरक्षण पर रोक लगाते हुए 14 फ़ीसदी आरक्षण दिए जाने की बात कही. इधर सरकार का कहना है कि क्योंकि कानून पर कोर्ट की तरफ से किसी तरह का कोई रोक नहीं लगी है. ऐसे में लोक सेवा आयोग चिकित्सा शिक्षा शिक्षकों की भर्ती में 14 फीसदी ही ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज