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12 साल भी नहीं बदले बीयू के हाल, फिर भी ए-ग्रेड की उम्मीद

12 साल भी नहीं बदले बीयू के हाल, फिर भी ए-ग्रेड की उम्मीद

भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में नैक टीम का दौरे चल रहा है। अधिकारियों को अब तक वो सुविधाएं विश्वविद्यालय में नजर नहीं आई है जो ए ग्रेड मिलने के लिए जरूरी होती है। हालांकि, कमियों के बावजूद भी विश्वविद्यालय के कुलपति ए ग्रेड मिलने का दावा कर रहे है।

भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में नैक टीम का दौरे चल रहा है। अधिकारियों को अब तक वो सुविधाएं विश्वविद्यालय में नजर नहीं आई है जो ए ग्रेड मिलने के लिए जरूरी होती है। हालांकि, कमियों के बावजूद भी विश्वविद्यालय के कुलपति ए ग्रेड मिलने का दावा कर रहे है।

भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में नैक टीम का दौरे चल रहा है। अधिकारियों को अब तक वो सुविधाएं विश्वविद्यालय में नजर नहीं आई है जो ए ग्रेड मिलने के लिए जरूरी होती है। हालांकि, कमियों के बावजूद भी विश्वविद्यालय के कुलपति ए ग्रेड मिलने का दावा कर रहे है।

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भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में नैक टीम का दौरे चल रहा है। अधिकारियों को अब तक वो सुविधाएं विश्वविद्यालय में नजर नहीं आई है जो ए ग्रेड मिलने के लिए जरूरी होती है। हालांकि, कमियों के बावजूद भी विश्वविद्यालय के कुलपति ए ग्रेड मिलने का दावा कर रहे है।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में करीब 12 साल बाद नैक की टीम व्यवस्थाओं का गहराई से निरीक्षण कर रही है। नैक की टीम ने अपने दौरे में इस बार छात्रों और अभिभावकों से भी चर्चा की। नैक की टीम के तीन दिन के दौरे में जो बातें सामनें आई है कि टीम पूरी तरह से विश्वविद्यालय की सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। विश्वविद्यालय में न तो पर्याप्त फैकल्टी है फैकल्टी की हमेशा कमी रहती है। इंफ्रास्ट्रक्चर सहीं नहीं है, विश्वविद्यालय में कभी भी परीक्षाएं समय पर नहीं होती है। न तो प्लेसमेंट की सुविधा है और ना ही आधुनिक लाइब्रोरी की सुविधा छात्रों को मिल रही है। रिसर्च लैब भी अपडेट नहीं है।

नैक की टीम ने 12साल पहले जो कमियां निकाली थी, उन कमियों को अब तक दूर करने प्रबंधन ने कोई ठोस कदम ही नहीं उठाएं बस दौरे से पहले ध्यान दिया तो बाहरी साफ-सफाई और रंग-रोगन पर।

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर तो नैक टीम के दौरे से पहले सारी तैयारियां कर रखी है, लेकिन शिक्षाविदों का कहना है कि विश्वद्यालय को ए-ग्रेड मिलने हर कसौटी पर खरा उतरना होता है। नैक द्वारा ए ग्रेड देने गुणात्मक मापदंड तय होते है.पर्याप्त फैकल्टी और परीक्षाएं समय पर न होना जैसी कमियां मिलने पर विश्वविद्यालय को ए -ग्रेड मिलने की संभावनाएं बहुत कम ही रहती है। नैक की टीम हर फैसिलिटी पर अंक निर्धारित करते हैं, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण फैकल्टी और परीक्षाएं समय पर होने पर ही नैक की टीम विश्वविद्यालय को नंबर देता है।

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