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MP: Corona संक्रमित मरीजों को लेकर बड़ा फैसला, जानें क्‍या है खास
Bhopal News in Hindi

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 20, 2020, 9:37 AM IST
MP: Corona संक्रमित मरीजों को लेकर बड़ा फैसला, जानें क्‍या है खास
पत्र में ये भी कहा गया है कि यदि पूर्व में किसी सार्वजनिक प्लेटफार्म पर ऐसे नाम उजागर किए गए हों तो वहां से भी यह सूची हटा दी जाए. (सांकेतिक फोटो)

मध्य प्रदेश शासन ने सभी कमिश्नर, जिला कलेक्टरों और CMHO को पत्र जारी कर कहा है कि Covid-19 के संक्रमित मरीजों की पहचान अब सार्वजनिक न की जाए.

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भोपाल. मध्य प्रदेश शासन ने कोरोना पीड़ित मरीजों (Corona Patient) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. सभी कमिश्नर, जिला कलेक्टरों और समस्त सीएमएचओ को पत्र जारी कर कहा कि Covid-19 के संक्रमित मरीजों की पहचान (Identity) अब सार्वजनिक न की जाए. इस संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टर, कमिश्नर और मेडिकल अफसरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. सहायक स्वास्थ्य आयुक्त अहमद किदवई द्वारा जारी इन निर्देशों में कहा गया है कि Covid-19 के संक्रमित मरीजों की पहचान सार्वजनिक न की जाए. पत्र में ये भी कहा गया है कि यदि पूर्व में किसी सार्वजनिक प्लेटफार्म पर ऐसे नाम उजागर किए गए हों तो वहां से भी यह सूची हटा दी जाए.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने रोजगार देने का प्लान बना लिया है. कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार, "कोई नहीं रहेगा बेरोजगार सबको देंगे रोजगार" नाम से अभियान चलाने जा रही है. इस में प्रदेशभर में करीब 32 से 40 लाख मजदूरों को मनरेगा में रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है.

22 मई से योजना शुरू
मजदूरों के बड़ी संख्या में प्रदेश लौटने पर अब सरकार का फोकस उन्हें काम दिलाने और आत्मनिर्भर बनाने पर है. यानी रोजमर्रा की जिंदगी चलाने के लिए मनरेगा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. "कोई नहीं रहेगा बेरोजगार सबको देंगे रोजगार "की शुरुआत 22 मई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से करने जा रहे हैं. 52 जिलों में विधायक अपने-अपने जिलों में पंचायत स्तर पर इस अभियान के तहत मनरेगा मजदूरों को जॉब कार्ड बांटेंगे. मई के आखिर तक मजदूरों को जॉब कार्ड दिए जाएंगे.



मंदिर में सरोवर, बागीचा और गौशाला


गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फैसला लिया है कि प्रदेश भर में मंदिरों की जितनी भी खाली जगह है वहां तालाब बनवाया जाए. इसमें मनरेगा मजदूरों को लगाया जाएगा. सरोवर के साथ ही बागीचा और मंदिरों में गौशालाएं बनायी जाएंगी. मंदिर के साधु-संत और पुजारियों को देखभाल की जिम्मेदारी दी जाएगी. पिछले साल 12लाख मजदूर काम करते थे जो इस बार प्रवासी मजदूरों के कारण बढ़कर 20 लाख से ज्यादा हो जाएगी. पिछले साल के मुकाबले जून तक बाहर से आये हुए करीब 40लाख मजदूरों को रोजगार देने का लक्ष्य है.  केंद्र सरकार ने इसके लिए इस बार 11हज़ार390 करोड़ का राहत पैकेज दिया है.

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First published: May 20, 2020, 8:08 AM IST
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