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MP के 1 लाख से ज्यादा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक भी SPECIAL EDUCATION TEACHER नहीं, RTI से खुलासा

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 26, 2019, 4:45 PM IST
MP के 1 लाख से ज्यादा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक भी SPECIAL EDUCATION TEACHER नहीं, RTI से खुलासा
मध्य प्रदेश में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर उदासीन है सरकार

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में स्कूल जाने वाले दिव्यांग बच्चों की संख्या एक लाख से भी ज्यादा है लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए प्रदेश में एक भी विशेष शिक्षक (Special Education teacher) नियुक्त नहीं किया गया है. ये बच्चे सिस्टम की बेरुखी के चलते बेहतर भविष्य की उम्मीदों को छोड़ चुके हैं.

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भोपाल. लोक शिक्षण संचालनालय (Directorate of public education) की ओर से आरटीआई (RTI) के जरिए सामने आई एक जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में 2018-19 में स्कूलों में रजिस्ट्रेशन कराने वाले दिव्यांग (Specially abled) बच्चों की संख्या एक लाख से ज्यादा है, लेकिन हाईस्कूल और 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 12 हजार तक ही है. सामाजिक न्याय विभाग (Social justice department) की ओर से संचालित स्कूलों के अलावा कई बच्चे स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) की ओर से संचालित स्कूलों में पढ़ते हैं. इन स्कूलों में दिव्यांग बच्चों (Children with disabilities) को पढ़ाने के लिए एक भी विशेष शिक्षक (Special Education teacher) की नियुक्ति नहीं की गई है. हालांकि सरकार का दावा है कि 2005 में दिव्यांग बच्चों के लिए 386 मोबाइल स्त्रोत सलाहकारों (Mobile source advisors) की नियुक्ति की गई थी. अगर हर ब्लॉक में दो शिक्षकों का अनुपात भी मान लें तो कम से कम संख्या 626 होना चाहिए. विशेष शिक्षकों की नियुक्ति न होने से दिव्यांग बच्चे प्रतियोगिता की दौड़ में पिछड़ते जा रहे हैं.

अंधकार में है भविष्य
सामाजिक न्याय विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में सभी दिव्यांग बच्चों को एडमिशन मिलना मुमकिन नहीं होता. यही वजह है कि कई बच्चे स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से संचालित सामान्य बच्चों के स्कूलों में पढ़ने को मजबूर होते हैं. विशेष शिक्षक की नियुक्ति न होने की वजह से दिव्यांग बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में प्रतियोगिता की दौड़ में पिछड़ जाते हैं. उनका सक्सेस होने का ग्राफ कम हो रहा है.

दिव्यांग बच्चों को उठाना पड़ रहा है खामियाज़ा

दिव्यांग बच्चों के हितों की लड़ाई लड़ रहे मोबाइल स्रोत सलाहकार संघ के अध्यक्ष के के शर्मा का कहना है कि ये हैरान करने वाला है कि दिव्यांग बच्चों के लिए प्रदेश में एक भी विशेष शिक्षक की नियुक्त नहीं है. इसका खामियाजा दिव्यांग बच्चों को उठाना पड़ रहा है. कई बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक इस बारे में कोई ध्यान नहीं दिया गया है.

आरोप प्रत्यारोप में लगे कांग्रेस-बीजेपी
इस खामी के लिए वैसे तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं लेकिन अब इस पर सियासत भी जमकर हो रही है. बीजेपी विधायक आशीष शर्मा के मुताबिक मौजूदा कांग्रेस सरकार केवल शिक्षकों के ट्रांसफर में व्यस्त है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अब दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा विधानसभा में उठाएगी. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में 15 साल से बीजेपी की सरकार थी, तब इस बार में कदम क्यों नहीं उठाए गए. कमलनाथ सरकार इस समस्या को जल्द दूर करेगी.
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First published: November 26, 2019, 4:31 PM IST
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