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MP में फिलहाल नहीं बढ़ेगा जल और स्वच्छता कर, नगरीय निकाय के फैसले को सरकार ने किया स्थगित

नगरीय प्रशासन विभाग ने कलर वृद्धि का फैसला स्थगित कर दिया गया है.

नगरीय प्रशासन विभाग ने कलर वृद्धि का फैसला स्थगित कर दिया गया है.

Bhopal. इंदौर में टैक्स में वृद्धि के फैसले के बाद कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतर कर इसका विरोध किया था. आम जनता ने भी कांग्रेस के इस विरोध का समर्थन किया था.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नगरीय निकाय इलाकों में अब किसी तरह की कर वृद्धि (Tax) नहीं होगी. 1 अप्रैल से नगरीय निकायों में लगाए गए टैक्स वृद्धि का फैसला स्थगित कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले के बाद भोपाल इंदौर सहित सभी बड़े शहरों में की गई कर वृद्धि वापस होगी. नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.

सरकार के इस आदेश के बाद अब शहरी इलाकों में लगने वाले जल कर और दूसरे टैक्स वापस होंगे. सरकार ने निकायों के कर वृद्धि का आदेश स्थगित करने का फैसला लिया है. इस फैसले के बाद शहरी इलाकों की सेवाओं में किसी तरह की कर वृद्धि नहीं होगी. नगरीय निकाय चुनाव से पहले सरकार शहरी इलाकों में टैक्स बढ़ाने के मूड में नहीं है. आदेश वापिस लेने के बाद अब शहरों में जल और अन्य कर पुरानी दर पर ही लिये जाएंगे.

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इंदौर में मचा था बवाल
इंदौर शहर में वॉटर टैक्स और स्वच्छता के नाम पर लिए जाने वाले टैक्स में भारी-भरकम वृद्धि के बाद मचे बवाल पर सरकार बैकफुट पर आ गई थी. सरकार ने कदम पीछे खींचते हुए बड़ा फैसला किया है. नगरीय प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी किया है उसमें इंदौर समेत दूसरे शहरों में बढ़ाये गए वाटर टैक्स और स्वच्छता की राशि की वृद्धि स्थगित कर दी गयी है. राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों के फैसले को स्थगित करते हुए आदेश जारी किया है. इसमें मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कहा गया है कि वॉटर टैक्स और स्वच्छता सेवाओं के लिए उपभोक्ता के लिए जाने वाले टैक्स में किसी तरह की वृद्धि नहीं होगी.

सालाना 10 हजार का भार
इंदौर में नगर निगम ने टैक्स वृद्धि का आदेश जारी किया था उसके हिसाब से आम जनता की जेब पर दस हजार रुपए सालाना का भार आने वाला था. इंदौर निकाय के फैसले के बाद जमकर बवाल मचा और स्थानीय निकाय ने जलकर, कचरा संग्रहण शुल्क और सीवरेज टैक्स में वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया. इसके अलावा दूसरे कई निकायों में भी इस तरह से टैक्स वृद्धि की खबरें आई थीं. उसके बाद राज्य सरकार ने सभी शहरी इलाकों के निकायों में पुरानी दर पर टैक्स वसूली जारी रखने का आदेश जारी किया है.

नगरीय निकाय चुनाव से पहले मुद्दा
इंदौर में नगरीय निकाय ने जलकर और स्वच्छता के नाम पर वसूले जाने वाले टैक्स में वृद्धि के फैसले के बाद कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतर कर इसका विरोध किया था. आम जनता ने भी कांग्रेस के इस विरोध का समर्थन किया था. विरोध के बाद सरकार ने सभी नगरीय निकायों में किसी भी तरह की टैक्स वृद्धि पर फिलहाल रोक लगा दी है. राज्य सरकार के जारी आदेश के बाद शहरों में रहने वाली बड़ी आबादी को फायदा होगा.
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