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MP में पहले दिन किसान आंदोलन का मिला-जुला असर, राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

MP में पहले दिन किसान आंदोलन का मिला-जुला असर, राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

किसान आंदोलन

किसान आंदोलन

किसानों के दूसरा धड़ा राष्ट्रीय किसान मज़दूर महासंघ आज के इस आंदोलन से दूर है. महासंंघ एक से 5 जून तक आंदोलन की तैयारी में है

2017 के किसान आंदोलन के बाद अब मध्य प्रदेश में फिर सरकार के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है. भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज से तीन दिन का आंदोलन शुरू हुआ. लेकिन राजधानी भोपाल में प्रतीकात्मक प्रदर्शन के सिवाय पूरे प्रदेश में शांति रही.

किसान आंदोलन का देशभर में मिला जुला असर देखने मिला. एक हद तक कह सकते हैं कि आंदोलन बेअसर रहा. ग्वालियर और जबलपुर में किसानों ने पहले दिन आंदोलन नहीं किया तो राजधानी में किसानों ने सड़कों पर कुछ सब्जियां और दूध डालकर सांकेतिक विरोध जताया. मंडियों में भी आवक रोज की तरह रही.

कहीं शांति-कहीं प्रदर्शन- प्रदेश के महानगर ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में हर जगह शांति है. भोपाल में ज़रूर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया. प्रतीकात्मक रूप में एक किसान को दूध से नहलाकर विरोध जताया. किसान आंदोलन के कारण दूध-सब्जी और फल की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. मंडियों में आम दिनों की तरह उपज की आवक रही.

कृषि मंत्री का बयान- उधर सरकार में कृषि मंत्री सचिन यादव का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि किसानों की समस्यायों के प्रति कांग्रेस सरकार गंभीर है.किसान संगठनों की मांग पर सरकार अहम फैसले लेगी. उम्मीद है मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में कोई हल निकल आएगा.किसान यूनियन ने मध्य प्रदेश में 29 से 31 मई तक आंदोलन का एलान किया है. यूनियन कर्जमाफी में तेजी, उपज का सही मूल्य और किसान पेंशन जैसे लेकर आंदोलन बुलाया है.

पिछला किसान आंदोलन-जून 2017 में  एमपी में हुए किसान आंदोलन ने जहां सरकार की नीद उड़ा दी थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्नजल त्याग कर किसानों को मनाया था. उसके बाद अब फिर किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलाहै. भारतीय किसान यूनियन ने आज से 3 दिन का आंदोलन शुरू किया है.

किसानों की मांग

- स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग
- कृषि को लाभ का धंधा बनाया जाए
- मंडी में समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी
- सभी किसानों का 2 लाख तक कर्ज़माफ़
- बेची गयी उपज का दाम नकदी में दिया जाए

किसानों के दूसरा धड़ा राष्ट्रीय किसान मज़दूर महासंघ आज के इस आंदोलन से दूर है. महासंंघ एक से 5 जून तक आंदोलन की तैयारी में है. हालांकि संघ के नेता शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी का कहना है आंदोलन से पहले कमलनाथ सरकार से बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. महासंघ का प्रतिनिधि मंडल आज सीएम मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर रहा है.

ये भी पढ़ें-कमलनाथ सरकार के खिलाफ किसानों का मोर्चा, 3 दिन की हड़ताल

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Tags: Farmer, Farmer Agitation, Farmers Protest, Kamal nath, Madhya pradesh news

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